दिल्ली का लंबा चक्कर होगा खत्म! ग्रेटर नोएडा-फरीदाबाद के बीच सीधी सड़क का रास्ता साफ, लाखों लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा

दिल्ली का लंबा चक्कर होगा खत्म! ग्रेटर नोएडा-फरीदाबाद के बीच सीधी सड़क का रास्ता साफ, लाखों लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा

ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। करीब 36 साल से जिस सड़क परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, वह अब धरातल पर उतरने के करीब पहुंच गई है। यमुना नदी पर बने मंझावली पुल को ग्रेटर नोएडा से जोड़ने वाले करीब 1.7 किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और मानसून खत्म होते ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इस सड़क के बनने के बाद दिल्ली होकर लंबा चक्कर लगाने की मजबूरी खत्म होगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बड़ी बचत होगी।

1.7 किलोमीटर की सड़क बदलेगी पूरे इलाके की तस्वीर

लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, इस परियोजना पर करीब 66 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत 1.7 किलोमीटर लंबी नई चार लेन सड़क बनाई जाएगी। इसके साथ ही लगभग एक किलोमीटर लंबी मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण और सुधार भी किया जाएगा।

यह संपर्क मार्ग सीधे मंझावली पुल से जुड़ेगा, जिससे ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच बिना किसी अतिरिक्त चक्कर के सीधा आवागमन संभव होगा। लंबे समय से अधूरी पड़ी इस छोटी दूरी की सड़क पूरी होने के बाद दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

दिल्ली होकर नहीं जाना पड़ेगा, सफर होगा आसान

फिलहाल फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा आने-जाने वाले लोगों को दिल्ली या ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के रास्ते लंबा सफर तय करना पड़ता है। इससे यात्रा का समय बढ़ने के साथ-साथ ईंधन की खपत भी अधिक होती है।

नई सड़क बनने के बाद यह परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। रोजाना नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य कामों के लिए आने-जाने वाले लोगों को तेज और सुविधाजनक मार्ग मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों शहरों के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

इसके अलावा भविष्य में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना भी पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगा।

36 साल पुरानी योजना को आखिर मिली नई रफ्तार

यह परियोजना कोई नई नहीं है। इसकी परिकल्पना करीब 36 वर्ष पहले की गई थी, ताकि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच बेहतर सड़क संपर्क स्थापित किया जा सके। वर्ष 2014 में इस योजना को गति मिली और हरियाणा की सीमा में सड़क का निर्माण काफी पहले पूरा कर लिया गया था।

हालांकि उत्तर प्रदेश की सीमा में केवल 1.7 किलोमीटर सड़क का निर्माण बाकी रहने के कारण पूरा प्रोजेक्ट वर्षों तक अधूरा पड़ा रहा। अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने से इस अटके हुए हिस्से के भी जल्द पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है।

मानसून के बाद शुरू होगा निर्माण, किसानों से जमीन लेने की प्रक्रिया जारी

पीडब्ल्यूडी के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए करीब 130 किसानों से जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है और विभाग जमीन का कब्जा लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुका है। फिलहाल यमुना खादर क्षेत्र में बारिश के कारण निर्माण कार्य शुरू करना संभव नहीं है।

मानसून समाप्त होते ही सबसे पहले मिट्टी भराव का काम शुरू किया जाएगा, जिसके बाद सड़क निर्माण में तेजी लाई जाएगी। परियोजना पूरी होने पर ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी पहले से कहीं बेहतर हो जाएगी। इससे लोगों का समय बचेगा, यात्रा आसान होगी और क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।