भारत के स्पेस स्टार्टअप्स को PM मोदी का बड़ा संदेश: जोखिम लेने वालों का साथ नहीं छोड़ेगी सरकार

भारत के स्पेस स्टार्टअप्स को PM मोदी का बड़ा संदेश: जोखिम लेने वालों का साथ नहीं छोड़ेगी सरकार

भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अब सिर्फ सरकारी मिशनों तक सीमित नहीं रहा। निजी कंपनियां और स्टार्टअप्स भी इस क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। इसी बदलते दौर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 20 प्रमुख स्पेस स्टार्टअप्स के सीईओ और संस्थापकों से मुलाकात कर उन्हें बड़ा भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और जो लोग नए क्षेत्र में जोखिम उठाने का साहस दिखा रहे हैं, सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब देश में अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने इस मुलाकात को भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सही नीतियां और स्थिर फैसले ही नवाचार को आगे बढ़ाने का सबसे मजबूत आधार बनते हैं।

‘फैसले बदलने से भरोसा टूटता है’, PM ने बताया सफलता का मंत्र

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी नए क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों के लिए सबसे बड़ी जरूरत भरोसे की होती है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास हमेशा यह रहता है कि जो निर्णय लिया जाए, उस पर लगातार कायम रहा जाए। बार-बार नीतियां बदलने से जोखिम उठाने वाले लोगों का विश्वास कमजोर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि अगर कोई ईमानदारी से प्रयास करता है और काम के दौरान कठिनाइयां आती हैं, तो उसे यह भरोसा होना चाहिए कि व्यवस्था उसका साथ छोड़ेगी नहीं। यही विश्वास भारत के स्पेस इकोसिस्टम को मजबूत बना सकता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत में लागत अपेक्षाकृत कम है, प्रतिभा की गुणवत्ता मजबूत है और युवाओं में नए प्रयोग करने का स्वाभाविक साहस मौजूद है। यही तीनों बातें मिलकर भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अलग पहचान दिला सकती हैं।

दुनिया की प्रतिभाओं के लिए भारत को बनाना होगा आकर्षण का केंद्र

प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान भविष्य की एक बड़ी तस्वीर भी सामने रखी। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा माहौल तैयार होना चाहिए कि जब दुनिया अंतरिक्ष तकनीक की बात करे, तो उसकी पहली नजर भारत पर पड़े। उनका मानना है कि भारत दुनिया भर की प्रतिभाओं को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखता है।

उन्होंने इस दिशा में शिक्षा और नवाचार को जोड़ने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ मिलकर काम करने की बात कही, ताकि बच्चों में छोटी उम्र से ही अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि विकसित हो सके। उनका कहना था कि भविष्य के वैज्ञानिक और उद्यमी स्कूल स्तर से ही तैयार किए जा सकते हैं।

20 बड़े स्पेस स्टार्टअप्स के संस्थापक रहे मौजूद

इस खास बैठक में देश के 20 प्रमुख स्पेस स्टार्टअप्स के सीईओ और संस्थापक शामिल हुए। इनमें Skyroot Aerospace, Agnikul Cosmos, Pixxel, Dhruva Space, GalaxEye, PierSight, Bellatrix Aerospace, Digantara, SatSure, Suhora Technologies, Manastu Space, Astrobase, TakeMe2Space, VyomIC, Cosmoserve Space, OrbitAID Aerospace, SkyServe (HySpace), Serendipity Space, Vassar Labs और MistEO जैसे नाम शामिल रहे।

प्रधानमंत्री ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर भी इन स्टार्टअप्स की ऊर्जा और महत्वाकांक्षा की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के युवा उद्यमियों का आत्मविश्वास और सोच देश के अंतरिक्ष सफर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती है।

यह मुलाकात केवल औपचारिक चर्चा नहीं थी, बल्कि यह संकेत भी थी कि आने वाले वर्षों में भारत सरकार निजी स्पेस सेक्टर को मजबूत करने और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को गति देने पर लगातार जोर देती रहेगी।