रक्षाबंधन पर उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा के सरकार के ऐलान के बीच अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर सीधा हमला बोला है। सपा अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें कुछ महिलाएं बस का इंतजार करती नजर आ रही हैं। वीडियो में महिलाएं दावा कर रही हैं कि उन्हें एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन बस नहीं आई। उनका कहना है कि अगर मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं देनी है तो पैसे ले लिए जाएं, लेकिन बस सेवा तो उपलब्ध कराई जाए।
अखिलेश यादव ने इस वीडियो के साथ सरकार पर तंज कसते हुए महिलाओं को ‘बे-बस बहन’ कहा। उनके पोस्ट के बाद रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा की घोषणा और जमीनी स्तर पर बसों की उपलब्धता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
बे-बस बहन : रक्षाबंधन पर मुफ़्त बस का वादा करके बस ही हटवा दी!
“प्राण जाए पर वचन न जाए” कहनेवाले रघुवंशियों तक को ठग लेनेवाले ये भाजपाई क्या वचन निभाएंगे। pic.twitter.com/9kJv5TliJo
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 28, 2026
मुफ्त सफर का ऐलान, फिर बस का इंतजार क्यों?
योगी आदित्यनाथ सरकार ने रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को सरकारी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया था। यह सुविधा 27 अगस्त सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की आधी रात तक लागू रहने की बात कही गई थी।
इसके तहत महिला यात्री के साथ एक साथी को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दिए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके अलावा शहरी विकास विभाग के तहत संचालित 900 से ज्यादा बसों में भी यह सुविधा उपलब्ध रहने की बात कही गई।
त्योहार के दौरान यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अतिरिक्त बसें चलाने के निर्देश भी दिए थे। मकसद साफ था—रक्षाबंधन पर बहनों को मायके आने-जाने में आसानी हो और उन्हें किराए का बोझ न उठाना पड़े।
लेकिन अखिलेश यादव की ओर से साझा किए गए वीडियो ने इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो में महिलाओं की शिकायत, घंटों से बस का इंतजार
अखिलेश यादव ने जिस वीडियो को साझा किया, उसमें महिलाएं बस सेवा नहीं मिलने की शिकायत करती सुनाई दे रही हैं। एक महिला कहती है कि अलीगढ़ जाना है और करीब दो घंटे से बस का इंतजार कर रही है। दूसरी महिला भी करीब एक घंटे से इंतजार करने की बात कहती है।
वीडियो में महिलाएं यह भी कहती सुनाई देती हैं कि अगर मुफ्त यात्रा नहीं हो सकती तो उनसे पैसे ले लिए जाएं, लेकिन बस उपलब्ध कराई जाए।
अखिलेश ने इसी वीडियो को आधार बनाकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि रक्षाबंधन पर मुफ्त बस का वादा किया गया, लेकिन बस ही हटा दी गई। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर अपने राजनीतिक अंदाज में हमला बोला और राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की कथित चोरी की घटना की ओर भी संकेत किया।
हालांकि, वीडियो में दिखाई गई स्थिति के आधार पर पूरे प्रदेश की बस व्यवस्था पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। यह एक स्थान से सामने आया दावा है, जिसे अखिलेश यादव ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया है।
अंकित बालियान के परिवार से भी जुड़े अखिलेश
इसी बीच अखिलेश यादव ने एक अन्य मुद्दे पर भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने युवा गायक स्वर्गीय अंकित बालियान के पिता से फोन पर बातचीत करने की जानकारी दी।
अखिलेश ने कहा कि रक्षाबंधन से ठीक पहले जिन बहनों ने अपना भाई और जिन माता-पिता ने अपना बेटा खोया है, उनका दुख बहुत बड़ा है। उन्होंने अंकित बालियान के परिवार को भरोसा दिलाया कि न्याय की लड़ाई में समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार और उसके सहयोगियों की कथित निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण रवैये से बालियान समाज में निराशा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के संपर्क में रहेंगे और जरूरत के समय हर संभव मदद उपलब्ध कराएंगे।
रक्षाबंधन पर राजनीति के केंद्र में दो मुद्दे
एक तरफ महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का मुद्दा है। दूसरी तरफ अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर अखिलेश यादव सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। दोनों ही मामलों को उन्होंने रक्षाबंधन के मौके पर जनता से जुड़े मुद्दों के तौर पर उठाया है।
मुफ्त बस यात्रा जैसी योजना का सीधा असर आम परिवारों पर पड़ता है। खासकर त्योहार के दौरान जब बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके जाती हैं, तब किराया बचने के साथ-साथ बसों की उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो जाती है।
यही वजह है कि अखिलेश यादव के वीडियो पोस्ट के बाद बहस सिर्फ राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि सरकार की घोषित सुविधा जमीन पर यात्रियों को कितनी आसानी से मिल रही है। फिलहाल सरकार की ओर से साझा किए गए वीडियो पर कोई अलग प्रतिक्रिया इस खबर में सामने नहीं दी गई है।



