अखिलेश यादव का बड़ा चुनावी दांव! बोले- 2027 में सरकार बनी तो BJP राज में बंद 26 हजार स्कूल फिर खुलेंगे

अखिलेश यादव का बड़ा चुनावी दांव! बोले- 2027 में सरकार बनी तो BJP राज में बंद 26 हजार स्कूल फिर खुलेंगे

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले स्कूल, रोजगार और पीडीए के हक को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपना एजेंडा सामने रखना शुरू कर दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगर 2027 में उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो भाजपा शासन में बंद किए गए करीब 26 हजार स्कूलों को दोबारा खोला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीडीए समाज को उसकी आबादी के अनुपात में अधिकार दिलाया जाएगा।

लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने शिक्षा के साथ-साथ रोजगार, सड़क, सिंचाई और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को घेरा। उनके बयान से साफ है कि सपा आगामी चुनाव में सरकारी स्कूलों और सामाजिक हिस्सेदारी को बड़े राजनीतिक मुद्दे के तौर पर उठाने की तैयारी में है।

26 हजार बंद स्कूलों पर अखिलेश का बड़ा ऐलान

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान जिन स्कूलों को बंद किया गया है, उनकी संख्या करीब 26 हजार है। सपा की सरकार बनने पर इन स्कूलों को फिर से संचालित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में मुख्य रूप से पीडीए समाज के बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में स्कूलों का बंद होना सीधे तौर पर उन परिवारों और बच्चों को प्रभावित करता है, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर हैं।

अखिलेश ने कहा कि 2027 में सपा सरकार बनने पर पीडीए समाज को उसकी आबादी के हिसाब से उसका हक दिया जाएगा। यानी शिक्षा के साथ राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी पार्टी के एजेंडे में रहेगा।

यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब राजनीतिक दल आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में अखिलेश के इस ऐलान को चुनावी रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

नौकरी से लेकर PWD तक, योगी सरकार पर निशाना

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक लाख नौकरियां देने के बयान पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अब सरकार के पास समय कितना बचा है और इतने कम समय में यह लक्ष्य कैसे पूरा होगा, यह सवाल है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर लोक निर्माण विभाग यानी PWD का ऑडिट कराया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की सड़कों की हालत खराब है और जगह-जगह गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने सिंचाई विभाग में भी घोटाले का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव ने राजनीतिक बयानबाजी के दौरान लगाए हैं।

उनके मुताबिक सरकार के कामकाज और विभागों में खर्च की जांच के जरिए यह सामने लाया जाएगा कि सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किस तरह हुआ।

मंदिर के दान से लेकर महंगे पेट्रोल तक, कई मुद्दे गिनाए

अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए मंदिरों के दान के पैसे को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मंदिर के बाहर भीख मांगने वाला व्यक्ति भी मंदिर में चोरी नहीं करता, लेकिन उनके आरोप के मुताबिक भाजपा के लोगों ने मंदिर के दान का पैसा भी चुरा लिया।

उन्होंने भाजपा नेताओं को लेकर कड़ी टिप्पणी की और कहा कि जनता अब इंतजार कर रही है और लोग उन्हें बर्दाश्त करने वाले नहीं हैं।

सपा अध्यक्ष ने महंगाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को मिलावटी पेट्रोल बेचा जा रहा है और त्योहारों के समय चीनी की कीमत बढ़ जाती है।

आम उपभोक्ता के लिहाज से देखें तो पेट्रोल और चीनी जैसी रोजमर्रा से जुड़ी चीजों की कीमत का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ता है। यही वजह है कि राजनीतिक दल चुनाव के दौरान ऐसे मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं।

कानून-व्यवस्था पर भी हमला, दूसरे राज्यों से अपराधी आने का दावा

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों के अपराधी यूपी में आकर वारदात कर रहे हैं और सरकार की ‘बुलडोजर’ नीति के बावजूद उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।

उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसा लगता है कि अपराधियों और सत्ता के बीच साझेदारी है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

अखिलेश यादव के इन बयानों से यह संकेत मिलता है कि सपा 2027 के चुनाव में शिक्षा, सामाजिक हिस्सेदारी, रोजगार, महंगाई, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को एक साथ जोड़कर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है।

फिलहाल 26 हजार स्कूलों को फिर से खोलने का ऐलान राजनीतिक वादे के तौर पर सामने आया है। 2027 का चुनाव आने में अभी समय है, लेकिन सपा ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी स्कूल और पीडीए की हिस्सेदारी उसके चुनावी एजेंडे में अहम स्थान रखने वाले हैं।