TGT-PGT भर्ती नियम बदले तो 5 लाख युवाओं पर असर? प्रयागराज में अनिश्चितकालीन धरना, UPESSC से 23,775 पदों पर पुराना नियम लागू करने की मांग

TGT-PGT भर्ती नियम बदले तो 5 लाख युवाओं पर असर? प्रयागराज में अनिश्चितकालीन धरना, UPESSC से 23,775 पदों पर पुराना नियम लागू करने की मांग

उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं का गुस्सा अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। TGT और PGT भर्ती नियमों में बदलाव के विरोध में प्रयागराज में बेरोजगार युवाओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग है कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) आगामी भर्ती का विज्ञापन पुराने नियमों के आधार पर जारी करे। युवाओं का दावा है कि नए नियम लागू होने से करीब 5 लाख अभ्यर्थी TGT-PGT भर्ती में आवेदन करने का मौका गंवा सकते हैं।

आंदोलन का नेतृत्व युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से इन पदों के लिए तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में भर्ती के नियम बदलने से बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवारों के सामने आवेदन का रास्ता बंद हो सकता है।

23,775 पदों पर पुराने नियम से भर्ती की मांग

प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने UPESSC के सामने अपनी मांग साफ रखी है। उनका कहना है कि 23,775 TGT-PGT पदों के लिए तत्काल भर्ती विज्ञापन जारी किया जाए और इसके लिए पुराने भर्ती नियमों को आधार बनाया जाए।

अभ्यर्थियों का तर्क है कि नियमों में बदलाव का असर सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे उन उम्मीदवारों की पात्रता प्रभावित हो सकती है, जो मौजूदा व्यवस्था के हिसाब से लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में मान्यता प्राप्त गैर-सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती UPESSC के माध्यम से होती है। इसलिए आयोग की ओर से भर्ती नियमों में किए गए बदलाव को लेकर अभ्यर्थियों के बीच चिंता बढ़ी हुई है।

उनका कहना है कि यदि पुराने नियमों के तहत विज्ञापन जारी किया जाता है तो बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इसी वजह से प्रदर्शनकारी लगातार पुराने नियम बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

जून में भी हुआ था प्रदर्शन, अब आंदोलन लंबा चलेगा

TGT-PGT भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध नया नहीं है। प्रदर्शनकारी युवाओं के मुताबिक, उन्होंने जून में भी आंदोलन किया था। उस समय भी भर्ती से जुड़ी अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखी गई थीं।

हालांकि, उनका दावा है कि उन्हें कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला। इसके बाद अब उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने का फैसला किया है।

प्रयागराज में शुरू हुआ यह धरना तब तक जारी रखने की बात कही गई है, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती। युवाओं का कहना है कि वे चाहते हैं कि आयोग भर्ती प्रक्रिया को लेकर ऐसी व्यवस्था बनाए, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को आवेदन का उचित अवसर मिल सके।

मांग नहीं मानी तो आमरण अनशन की चेतावनी

अभ्यर्थियों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की भी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर UPESSC और संबंधित स्तर से जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं आता है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

प्रदर्शनकारी युवाओं ने जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। यानी मामला अब सिर्फ एक भर्ती विज्ञापन जारी करने तक सीमित नहीं रह गया है। अभ्यर्थी इसे अपने रोजगार और भविष्य से जुड़ा मुद्दा मान रहे हैं।

फिलहाल उनकी नजर UPESSC के अगले कदम पर है। एक तरफ बड़ी संख्या में युवा भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नियमों में बदलाव को लेकर उनका विरोध जारी है। ऐसे में 23,775 पदों पर भर्ती का विज्ञापन किस नियम के तहत जारी होता है, यह हजारों अभ्यर्थियों के लिए बेहद अहम होगा।