कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम फिलहाल टल गया है। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को पहले 8 से 12 सितंबर के बीच नेहरू स्टेडियम में आयोजित करने की योजना बनाई थी। बाद में 12 सितंबर की तारीख पर कार्यक्रम कराने की तैयारी थी, लेकिन नगर निगम प्रशासन ने स्टेडियम के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अब कार्यक्रम को 19 सितंबर तक टाल दिया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार राहुल गांधी के कार्यक्रम में अड़चन पैदा कर रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि स्टेडियम के इस्तेमाल को लेकर नियम और हाई कोर्ट के निर्देश लागू हैं।
नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति क्यों नहीं मिली?
इंदौर नगर निगम के कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने साफ किया है कि नेहरू स्टेडियम का इस्तेमाल सामान्य कार्यक्रमों के लिए नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, यह स्टेडियम मुख्य रूप से खेल गतिविधियों के लिए आरक्षित है। इसके अलावा गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे आधिकारिक समारोह भी यहां आयोजित किए जाते हैं।
नगर निगम प्रशासन ने स्टेडियम के इस्तेमाल को लेकर हाई कोर्ट के एक आदेश का भी हवाला दिया है। प्रशासन का कहना है कि किसी दूसरे तरह के कार्यक्रम के लिए अनुमति देने से पहले नगर निगम के नियमों और अदालत के संबंधित निर्देशों की समीक्षा जरूरी है।
यही वजह है कि कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के साथ 12 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी के बावजूद अनुमति नहीं मिल सकी।
कांग्रेस बोली- इंदौर में ही होगा राहुल गांधी का कार्यक्रम
कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंगार ने कहा कि राहुल गांधी का कार्यक्रम इंदौर में ही आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी यानी AICC जल्द ही कार्यक्रम का नया शेड्यूल जारी करेगी। इसके बाद उसी के मुताबिक आगे की तैयारियां की जाएंगी।
कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित कार्यक्रम में पार्टी के झंडे या बैनर नहीं लगाए जाएंगे। पार्टी इसे गैर-राजनीतिक कार्यक्रम के तौर पर पेश कर रही है।
कांग्रेस के मुताबिक, इस कार्यक्रम में राहुल गांधी युवाओं के साथ सीधे संवाद करेंगे। इसमें ऐसे छात्रों और युवाओं से बातचीत की जाएगी, जो मध्य प्रदेश में पेपर लीक, परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और RSS से जुड़े लोगों की नियुक्ति जैसे मुद्दों को लेकर परेशान हैं और खुद को अपने अधिकारों से वंचित महसूस करते हैं।
BJP-कांग्रेस के बीच बढ़ा सियासी तनाव
राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी के साथ-साथ पत्रों के जरिए भी राजनीतिक खींचतान देखने को मिल रही है। कार्यक्रम को लेकर बीजेपी के शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखा है।
इस पत्र में बीजेपी की ओर से ‘सुपर कॉरिडोर’ को कार्यक्रम के लिए बेहतर स्थान बताया गया है। यानी बीजेपी की तरफ से स्टेडियम के बजाय दूसरे स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया गया है।
दूसरी ओर, कांग्रेस इसे महज जगह का विवाद नहीं मान रही। पार्टी का आरोप है कि सरकार और बीजेपी युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में कार्यक्रम की अनुमति का मुद्दा अब प्रशासनिक फैसले से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
अब AICC के नए शेड्यूल पर टिकी नजर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम किस जगह और किस तारीख को होगा। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि कार्यक्रम इंदौर में ही आयोजित किया जाएगा और 19 सितंबर तक इसे टाल दिया गया है।
अब AICC के नए कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार है। उसके बाद यह तस्वीर साफ होगी कि आयोजन के लिए कौन-सा स्थान चुना जाता है और राहुल गांधी युवाओं के साथ किस मुद्दे पर सीधे संवाद करते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ राजनीतिक हलकों तक सीमित नहीं है। छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रस्तावित यह संवाद मध्य प्रदेश में परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और नियुक्तियों जैसे सवालों को भी चर्चा के केंद्र में ला सकता है। फिलहाल कार्यक्रम की तारीख और स्थान को लेकर अंतिम फैसला AICC के नए शेड्यूल के बाद ही सामने आएगा।


