बैंकिंग की दुनिया में ATM को लेकर एक बड़ा बदलाव आने की तैयारी है। आने वाले समय में ATM सिर्फ पैसे निकालने और बैलेंस चेक करने तक सीमित नहीं रह सकता। नई तकनीक के जरिए ग्राहक ATM से ही अपना RuPay डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या NCMC कार्ड हासिल कर सकेंगे। यानी नया कार्ड लेने के लिए बैंक ब्रांच जाने और कार्ड डिलीवरी का इंतजार करने की जरूरत काफी कम हो सकती है। हालांकि, अभी यह सुविधा आम ग्राहकों के लिए शुरू नहीं हुई है। फिलहाल इसका आकलन और टेस्टिंग का काम चल रहा है।
ATM से कुछ मिनटों में मिल सकता है नया कार्ड
अभी आमतौर पर नया डेबिट या क्रेडिट कार्ड लेने के लिए बैंक में आवेदन करना पड़ता है। इसके बाद कार्ड तैयार होता है और ग्राहक तक पहुंचने में समय लगता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है।
प्रस्तावित सिस्टम में ATM के जरिए ग्राहक को वहीं कार्ड उपलब्ध कराया जा सकेगा। यानी ATM एक तरह से बैंक की छोटी सेल्फ-सर्विस यूनिट की भूमिका निभा सकता है। कार्ड मिलने के बाद ग्राहक उसका इस्तेमाल ATM से कैश निकालने जैसी सामान्य बैंकिंग जरूरतों के लिए कर सकेगा।
यह सुविधा खास तौर पर उन ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें कार्ड की जरूरत तुरंत पड़ती है और सामान्य प्रक्रिया में कई दिन इंतजार नहीं करना चाहते।
सिर्फ कार्ड नहीं, ATM पर बढ़ सकती हैं बैंकिंग सेवाएं
नई तकनीक का दायरा केवल डेबिट या क्रेडिट कार्ड जारी करने तक सीमित रखने की योजना नहीं है। भविष्य में ऐसे ATM को कई दूसरी बैंकिंग सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
इनमें चेक जमा करना, नया बैंक अकाउंट खोलना और लोन के लिए आवेदन जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। इसका मतलब यह हुआ कि ATM धीरे-धीरे एक मल्टी-सर्विस बैंकिंग कियोस्क की तरह काम कर सकता है।
हालांकि, इन सभी सेवाओं को किस स्तर पर और कब उपलब्ध कराया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल पूरा सिस्टम तकनीकी आकलन और जांच के दौर से गुजर रहा है।
SBI समेत 9 बैंक और NPCI कर रहे काम
इस नई व्यवस्था को विकसित करने और इसकी व्यवहारिकता जांचने में SBI समेत कुल 9 बैंक शामिल हैं। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक शामिल हैं।
ये बैंक NPCI और ATM बनाने वाली कंपनियों के साथ मिलकर इस तकनीक का मूल्यांकन कर रहे हैं। टेस्टिंग का उद्देश्य यह देखना है कि मशीन के जरिए कार्ड जारी करने की प्रक्रिया कितनी व्यावहारिक और सुरक्षित तरीके से लागू की जा सकती है।
ग्राहकों के लिए इसका सीधा मतलब यही है कि अगर सिस्टम सफल रहता है और बड़े स्तर पर लागू होता है, तो भविष्य में नया कार्ड पाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी सरल हो सकती है।
छोटे शहरों और ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर भी फायदा
ऐसे ATM को उन जगहों पर लगाने की संभावना भी देखी जा रही है जहां बैंक की पूरी शाखा खोलना आसान नहीं होता। एयरपोर्ट, ट्रांजिट हब, कैंपस और कॉर्पोरेट पार्क जैसी ज्यादा आवाजाही वाली जगहों पर इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
छोटे शहरों और ऐसे इलाकों में भी इसका फायदा हो सकता है जहां ग्राहकों को छोटी-छोटी बैंकिंग जरूरतों के लिए ब्रांच जाना पड़ता है। अगर ATM पर ही कई सेवाएं मिलने लगें, तो बैंकिंग का एक बड़ा हिस्सा सेल्फ-सर्विस मॉडल में जा सकता है।
हालांकि अभी सबसे जरूरी बात यही है कि ATM से तुरंत RuPay कार्ड मिलने की सुविधा लॉन्च नहीं हुई है। फिलहाल 9 बैंक, NPCI और ATM कंपनियां इस सिस्टम का आकलन कर रही हैं। टेस्टिंग सफल रहने और इसे व्यापक स्तर पर लागू किए जाने के बाद ही आम ग्राहकों के लिए यह सुविधा उपलब्ध होगी।



