नई दिल्ली में चल रहे BRICS Summit 2026 का आज आखिरी दिन है और भारत मंडपम एक बार फिर दुनिया के प्रमुख नेताओं की मेजबानी के लिए तैयार है। 12 सितंबर से शुरू हुए इस दो दिवसीय सम्मेलन के अंतिम दिन BRICS सदस्य देशों के साथ पार्टनर और आउटरीच देशों के शीर्ष नेता भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। आज की बैठक में वैश्विक शासन, बहुपक्षवाद, आर्थिक सहयोग और बदलती दुनिया में टिकाऊ विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। सम्मेलन के अंत में नई दिल्ली डिक्लेरेशन जारी किया जाएगा, जिस पर सभी की नजर रहेगी।
रविवार सुबह 9:55 बजे से भारत मंडपम के लेवल-2 पर सदस्य देशों, पार्टनर देशों और आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का आगमन शुरू हो गया। BRICS में इस समय 11 सदस्य देश हैं—ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इंडोनेशिया।
10:35 बजे फैमिली फोटो, फिर शुरू होगी अहम बैठक
दिन की शुरुआत नेताओं के औपचारिक स्वागत के बाद होगी। सुबह 10:35 बजे BRICS नेताओं की आधिकारिक फैमिली फोटो होगी। यह कार्यक्रम भी भारत मंडपम के लेवल-2 पर रखा गया है।
इसके करीब 15 मिनट बाद यानी 10:50 बजे मुख्य ओपन सेशन शुरू होगा। इस सत्र का विषय है—“Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth”।
सरल शब्दों में इसका फोकस ऐसी वैश्विक व्यवस्था पर होगा जिसमें आर्थिक विकास के साथ मजबूती, तकनीकी नवाचार, आपसी सहयोग और टिकाऊ विकास को भी जगह मिले। सम्मेलन के समापन पर नई दिल्ली डिक्लेरेशन जारी किया जाएगा। यह घोषणा समिट में हुई चर्चाओं और सदस्य देशों की साझा प्राथमिकताओं को सामने रखेगी।
PM मोदी की आज 7 नेताओं के साथ अहम मुलाकातें
BRICS के मुख्य कार्यक्रम के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिन काफी व्यस्त रहने वाला है। वह सात देशों के शीर्ष नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
प्रधानमंत्री का निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार है:
- दोपहर 2:30 बजे: कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव के साथ बैठक।
- दोपहर 3:00 बजे: फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से मुलाकात।
- दोपहर 3:30 बजे: मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ वार्ता।
- शाम 4:10 बजे: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से मुलाकात।
- शाम 4:40 बजे: बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये से बैठक।
- शाम 5:10 बजे: नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा के साथ मुलाकात।
- शाम 5:40 बजे: युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो से बैठक।
इन द्विपक्षीय मुलाकातों के जरिए भारत के लिए BRICS सम्मेलन से इतर अलग-अलग देशों के साथ रिश्तों को आगे बढ़ाने का भी अवसर रहेगा।
भारत की अध्यक्षता में 350 से ज्यादा कार्यक्रम
भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार BRICS की अध्यक्षता संभाली थी। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में इस समूह की अध्यक्षता कर चुका है।
इस साल भारत ने BRICS की अध्यक्षता के लिए “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” थीम चुनी है। इसके केंद्र में “Humanity First” का सिद्धांत रखा गया है। यानी वैश्विक सहयोग की नीतियों में आम लोगों और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देने पर जोर है।
भारत की अध्यक्षता के दौरान देश के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और हाई-लेवल कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों में BRICS सहयोग के तीन प्रमुख क्षेत्रों पर काम हुआ—राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग, आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क।
दुनिया की अर्थव्यवस्था में BRICS का बढ़ता वजन
BRICS की अहमियत केवल कूटनीतिक बैठकों तक सीमित नहीं है। समूह के सदस्य देश वैश्विक अर्थव्यवस्था और आबादी में बड़ा हिस्सा रखते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, BRICS देश दुनिया की करीब 49.5% आबादी, 40% GDP और 26% वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
यही वजह है कि नई दिल्ली में हो रही इस बैठक पर सिर्फ सदस्य देशों की नजर नहीं है। वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश और बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े फैसलों के लिहाज से भी सम्मेलन महत्वपूर्ण है।
अब समिट के आखिरी दिन की सबसे बड़ी नजर नई दिल्ली डिक्लेरेशन पर रहेगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की सात द्विपक्षीय बैठकों से भी भारत के विभिन्न देशों के साथ संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलने की उम्मीद रहेगी। भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह समिट देश की कूटनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर रखने का एक बड़ा अवसर बनकर सामने आया है।



