राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 2026 में मतगणना के दौरान EVM में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद जयपुर के पांच मतदान केंद्रों पर बुधवार को दोबारा मतदान कराया जा रहा है। इन बूथों पर मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। खास बात यह है कि इस बार पुराने मतदान को आधार नहीं बनाया जा रहा। दोबारा वोटिंग के लिए नए मतपत्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है और मतदाताओं की बाएं हाथ की मिडिल फिंगर पर फिर से स्याही लगाई जा रही है।
इन पांच बूथों पर डाले गए वोटों की गिनती अब 17 सितंबर को सुबह 8 बजे शुरू होगी। यानी इन सीटों के नतीजे बाकी निकाय चुनावों की मतगणना से अलग प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आएंगे।
यह स्थिति उस समय बनी जब चुनाव की गिनती के दौरान कुछ EVM में तकनीकी दिक्कत की शिकायतें सामने आईं। जांच के बाद राज्य चुनाव आयोग ने कुछ प्रभावित मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया।
जयपुर के किन 5 बूथों पर हो रही है री-पोलिंग?
जयपुर में दोबारा मतदान के लिए पांच बूथ चिन्हित किए गए हैं। इनमें अलग-अलग वार्डों के मतदान केंद्र शामिल हैं।
- वार्ड नंबर 9 — बूथ नंबर 111
- वार्ड नंबर 18 — बूथ नंबर 235
- वार्ड नंबर 25 — बूथ नंबर 343
- वार्ड नंबर 34 — बूथ नंबर 477
- वार्ड नंबर 34 — बूथ नंबर 484
मतदान प्रक्रिया में इस बार नए मतपत्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं पहले मतदान के दौरान लगी स्याही को दोबारा मतदान में बाधा नहीं माना जा रहा। इसके लिए बाएं हाथ की मिडिल फिंगर पर नई स्याही लगाई जा रही है।
राज्य चुनाव आयोग ने सिर्फ जयपुर में ही नहीं, बल्कि जोधपुर नगर निगम, कोटा नगर निगम और सुकेत नगर निकाय के कुछ प्रभावित बूथों पर भी पुनर्मतदान का आदेश दिया है।
आयोग ने क्यों लिया दोबारा मतदान का फैसला?
मतदान दोबारा कराने के पीछे सिर्फ EVM में खराबी की शिकायत ही आधार नहीं बनी। आयोग ने संबंधित जिला अधिकारियों और मतगणना अधिकारियों की रिपोर्ट का भी परीक्षण किया।
रिपोर्ट में सामने आया कि तकनीकी खराबी के कारण कुछ वोट मशीन में दिखाई नहीं दे पाए। इसके बाद आयोग ने इन वोटों की संख्या और संबंधित बूथों पर सबसे करीबी दो उम्मीदवारों के बीच मतों के अंतर की तुलना की।
बताए गए विवरण के मुताबिक, जिन वोटों के प्रभावित होने की आशंका थी, उनकी संख्या दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच मौजूद मतों के अंतर से अधिक थी। इसी आधार पर आयोग ने प्रभावित बूथों पर दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया।
अब इन बूथों पर नए सिरे से मतदान होने के बाद 17 सितंबर को मतगणना होगी। ऐसे में संबंधित वार्डों के चुनावी नतीजों पर इस प्रक्रिया का सीधा असर पड़ सकता है।
राजस्थान निकाय चुनाव में BJP की जीत, कांग्रेस ने भी कई जगह बनाई पकड़
इस बीच राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के घोषित नतीजों में BJP को बढ़त मिली है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य की 10 नगर निगमों में से चार में BJP को जीत मिली है। पार्टी ने पूरे प्रदेश में 4,000 से अधिक वार्डों में सफलता हासिल की है।
हालांकि, कांग्रेस भी कई इलाकों में मजबूत प्रदर्शन करने में सफल रही। खास तौर पर कुछ ऐसे क्षेत्रों में पार्टी ने प्रभाव दिखाया, जिन्हें BJP के बड़े नेताओं के मजबूत इलाके के तौर पर देखा जाता रहा है।
इन चुनावों में निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। कई जगह पार्टी से अलग होकर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों ने मुकाबले को प्रभावित किया और नतीजों की तस्वीर बदली।
इसलिए जिन पांच जयपुर बूथों पर आज दोबारा मतदान हो रहा है, वहां के परिणाम भी संबंधित वार्डों की अंतिम तस्वीर में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
दो चरणों में हुआ था मतदान, हजारों उम्मीदवार मैदान में थे
राजस्थान के निकाय चुनाव में मतदान दो चरणों में कराया गया था। पहले चरण में 9 सितंबर को वोटिंग हुई। इसमें 162 नगर निकाय शामिल थे। इनमें चार नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगरपालिकाएं थीं।
पहले चरण में पार्षद के 5,393 पदों के लिए 20 हजार से ज्यादा उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इस चरण में अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा नगर निगम शामिल थे।
इसके बाद 11 सितंबर को दूसरे चरण का मतदान हुआ। इस चरण में छह नगर निगम, 24 नगर परिषद और 117 नगरपालिकाओं में चुनाव कराया गया। कुल 4,774 वार्डों के लिए 18,266 उम्मीदवार मैदान में थे।
दूसरे चरण में जयपुर के अलावा अजमेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और पाली शामिल थे।
अब EVM से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण जयपुर के पांच बूथों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। मतदान खत्म होने के बाद इन वोटों की गिनती 17 सितंबर की सुबह शुरू होगी। इसके साथ ही संबंधित वार्डों में चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
फिलहाल बाकी नतीजों के बीच इन पांच बूथों पर होने वाली वोटिंग पर भी नजर रहेगी, क्योंकि आयोग के मुताबिक प्रभावित वोटों की संख्या कुछ जगहों पर करीबी उम्मीदवारों के बीच जीत-हार के अंतर से अधिक थी।


