भारतीय रेलवे ने आंध्र प्रदेश और गुजरात में रेल एवं सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए दो अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी है। आंध्र प्रदेश में सावल्यापुरम-गुंटूर रेल सेक्शन के इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को अपग्रेड करने पर करीब 142 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं गुजरात में रेलवे क्रॉसिंग की जगह चार लेन का रोड ओवरब्रिज (ROB) बनाया जाएगा। दोनों परियोजनाओं का मकसद रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने, ट्रैफिक को सुचारू करने और रेलवे नेटवर्क पर परिचालन संबंधी बाधाओं को कम करना है।
गुंटूर रेल सेक्शन में 1×25 KV की जगह 2×25 KV सिस्टम
आंध्र प्रदेश के 73 रूट किलोमीटर लंबे सावल्यापुरम-गुंटूर सेक्शन में मौजूदा इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। अभी यहां 1×25 KV सिस्टम काम कर रहा है, जिसे बढ़ाकर 2×25 KV सिस्टम किया जाएगा।
इस परियोजना से करीब 146 ट्रैक किलोमीटर (TKM) का रेल नेटवर्क प्रभावित होगा। रेलवे के मुताबिक, इस अपग्रेड के बाद ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों को बिजली की सप्लाई की क्षमता मजबूत होगी।
इसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि रेल नेटवर्क पर ट्रेनों की संख्या और परिचालन बढ़ने के साथ पर्याप्त पावर सप्लाई एक अहम जरूरत बन जाती है। बेहतर ट्रैक्शन क्षमता से इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन को सपोर्ट करने में मदद मिलेगी और सेक्शन की परिचालन क्षमता मजबूत हो सकती है।
HUN Route 8 के लिए क्यों अहम है ये अपग्रेड?
सावल्यापुरम-गुंटूर सेक्शन अकेला रेल कॉरिडोर नहीं है। यह HUN Route 8 का हिस्सा है, जो वास्को, गडग, गुंतकल, नांदयाल, सावल्यापुरम, गुंटूर और विजयवाड़ा को जोड़ता है।
ऐसे में इस सेक्शन का इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन अपग्रेड पूरे रूट की परिचालन क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे के अनुसार, मजबूत ट्रैक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ते रेल संचालन को संभालने में मदद मिलेगी और ट्रेनों के सुचारू संचालन को बेहतर सपोर्ट मिल सकेगा।
परियोजना पर करीब 142 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, इसका उद्देश्य केवल मौजूदा सिस्टम को बदलना नहीं है, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाले रेल परिचालन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता तैयार करना भी है।
गुजरात में लेवल क्रॉसिंग की जगह बनेगा 4-लेन ROB
दूसरी बड़ी परियोजना गुजरात में है। वेस्टर्न रेलवे के उधना-उकाई सोंगढ सेक्शन में किलोमीटर 62/2-4 पर मौजूद लेवल क्रॉसिंग नंबर 53 की जगह चार लेन का रोड ओवरब्रिज बनाया जाएगा।
इस ROB के निर्माण पर कुल 133.2295 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना को राज्य सरकार के साथ कॉस्ट-शेयरिंग मॉडल के आधार पर पूरा किया जाएगा।
चार लेन का ROB बनने के बाद सड़क यातायात को रेलवे ट्रैक के ऊपर से बिना लेवल क्रॉसिंग पर रुके गुजरने की सुविधा मिलेगी। इसका एक फायदा यह होगा कि सड़क और रेल यातायात के बीच होने वाली रुकावट कम हो सकती है।
दोनों प्रोजेक्ट से क्या बदलेगा?
आंध्र प्रदेश की परियोजना का मुख्य फोकस इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन क्षमता बढ़ाने पर है, जबकि गुजरात का प्रोजेक्ट सड़क और रेल यातायात के बीच बेहतर तालमेल बनाने से जुड़ा है।
गुंटूर सेक्शन में 2×25 KV सिस्टम लगने से इलेक्ट्रिक ट्रेनों के लिए पावर सप्लाई इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। दूसरी तरफ, गुजरात में चार लेन का ROB बनने से लेवल क्रॉसिंग पर सड़क यातायात के कारण रेल परिचालन में आने वाली संभावित बाधाओं को कम करने में मदद मिलेगी।
व्यापक तौर पर देखें तो दोनों परियोजनाएं रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की दिशा में हैं। एक तरफ रेल नेटवर्क की बिजली आपूर्ति क्षमता बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे पॉइंट पर सड़क पुल बनाया जा रहा है जहां रेल और सड़क यातायात एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। इससे संबंधित इलाकों में भविष्य के रेल और सड़क परिचालन को अधिक क्षमता के साथ संभालने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद मिल सकती है।



