उत्तर प्रदेश में पिछले करीब 50 से 60 घंटे से जारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सड़कें पानी में डूबी हैं, घरों में बारिश का पानी घुस गया है और अलग-अलग हादसों में लोगों की जान गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 50 घंटे के दौरान बारिश से जुड़े हादसों में 40 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई जगह मकान और पेड़ गिरने से भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल गहरे अवदाब का असर कमजोर पड़ रहा है और 28 सितंबर से प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम के सूखा होने की संभावना है।
लखनऊ में 60 घंटे की बारिश, पॉश इलाकों तक पहुंचा पानी
राजधानी लखनऊ में लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। करीब 60 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश ने शहर की व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई।
जानकीपुरम, आशियाना, रुचि खंड, रश्मि खंड, सरोजिनी नगर और गोमती नगर जैसे इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। आशियाना में कई घरों के भीतर तक बारिश का पानी पहुंच गया। इससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का असर केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहा। लखनऊ से लेकर गोरखपुर और प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं।
कई जिलों में बारिश बनी आफत, हादसों में गई जान
लगातार बारिश के बीच अलग-अलग जिलों से हादसों की खबरें सामने आईं। गोरखपुर में पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। फतेहपुर में मकान गिरने से आठ साल के बच्चे की जान चली गई। बांदा में भी मकान गिरने से 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
गोंडा में बाइक पर पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत हुई। लखीमपुर खीरी और बाराबंकी में अलग-अलग घटनाओं में तीन-तीन लोगों की मौत बताई गई है। बस्ती में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि अमेठी और हमीरपुर में दो-दो लोगों की जान गई।
इसके अलावा प्रदेश के दूसरे जिलों से भी बारिश और उससे जुड़े हादसों में मौत की खबरें सामने आई हैं। तेज हवा, आकाशीय बिजली और कमजोर हो चुके मकानों के कारण कई जगह स्थिति और गंभीर हो गई।
इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश, आंकड़े भी चौंकाने वाले
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश वाले जिलों में बहराइच, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, हमीरपुर, बांदा और कानपुर शामिल रहे।
इस मानसून सीजन में बहराइच में 193 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बांदा में 153 मिमी, फर्रुखाबाद में 139 मिमी, कन्नौज में 137 मिमी, कानपुर नगर में 111 मिमी, लखीमपुर खीरी में 163 मिमी, लखनऊ में 125 मिमी, श्रावस्ती में 127 मिमी, हमीरपुर में 164 मिमी, महोबा में 137 मिमी और शाहजहांपुर में 162 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक, महज 24 घंटे में प्रदेश में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 26 जून तक उत्तर प्रदेश में अनुमानित बारिश 739 मिमी थी, जबकि 751 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। यह सामान्य से करीब 2 फीसदी अधिक बताई गई है।
अब कब मिलेगी राहत? मौसम विभाग ने दिया अपडेट
मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र के मुताबिक, गहरे अवदाब का असर अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इसका असर कम होने के साथ मध्य और दक्षिणी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां घटने की संभावना है।
आज तराई वाले इलाकों में बारिश हो सकती है, जबकि लखनऊ में बारिश थमने की संभावना जताई गई है। हालांकि राजधानी में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार 28 सितंबर से उत्तर प्रदेश के मौसम में धीरे-धीरे सुधार आने की उम्मीद है। यानी लगातार बारिश और जलभराव से परेशान लोगों को अगले कुछ समय में राहत मिल सकती है।
फिलहाल प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती जलभराव, कमजोर मकानों और बारिश से हुए नुकसान से निपटना है। जिन इलाकों में पानी भर गया है, वहां सामान्य गतिविधियां बहाल होने में समय लग सकता है। इस बीच तेज बारिश और आंधी की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों के लिए सतर्क रहना जरूरी बना हुआ है।



