प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को UPSC के शताब्दी समारोह में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गंभीर खतरे और चोट के बावजूद कैप्टन मछार ने जिस धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया, उसने एक बड़ी विमान त्रासदी को टालने में मदद की। पीएम मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि एक हिंदुस्तानी ने 9/11 जैसी घटना होने से बचा ली। उनके मुताबिक, कैप्टन मछार के साहस से हर भारतीय गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
यह मामला दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान से जुड़ा है। विमान में 180 लोग सवार थे। घटना के दौरान कैप्टन मछार के गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उनके इस कदम की भारत के अलावा इजराइल और अमेरिका में भी चर्चा हुई है।
UPSC कार्यक्रम में PM मोदी ने सुनाई कैप्टन मछार की कहानी
UPSC के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन मछार के साहस का खास तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कैप्टन ने मुश्किल परिस्थिति में धैर्य बनाए रखा और अपनी सूझबूझ का इस्तेमाल किया, वह असाधारण है।
पीएम मोदी ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने कैप्टन मछार के पिता भूपेंद्र भाई, मां गीता बहन और पत्नी सोनल से भी बातचीत की। उन्होंने देशवासियों से कैप्टन के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया कैप्टन मछार के साहस की चर्चा कर रही है। उनके मुताबिक, इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि संकट की घड़ी में किसी व्यक्ति का निर्णय और धैर्य कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है।
गंभीर चोट के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
कैप्टन मछार को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने उन्हें ‘हीरो’ बताते हुए कहा था कि गंभीर खतरे के बीच घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया।
पीएम मोदी के मुताबिक, कैप्टन की बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद मिली और एक बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने कैप्टन के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विमान में 180 लोग सवार थे। घटना के दौरान कैप्टन मछार ने अपनी सुरक्षा से आगे यात्रियों की सुरक्षा को रखा। यही वजह है कि इस घटना के बाद उनकी भूमिका पर खास ध्यान गया।
इजराइल से अमेरिका तक हुई बहादुरी की चर्चा
कैप्टन मछार की बहादुरी की चर्चा सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा हीरो बताया। इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने भी कैप्टन के प्रति आभार जताया।
राष्ट्रपति हर्जोग के मुताबिक, कैप्टन ने अपनी जान जोखिम में डालकर कॉकपिट खोला। इस दौरान उन्होंने जिस साहस का परिचय दिया, उसकी उन्होंने सराहना की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन मछार की तारीफ की। उन्होंने उन्हें हीरो बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने असाधारण साहस दिखाया और विमान में सवार लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘एक हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इजराइली प्रधानमंत्री की उस टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें कैप्टन मछार के साहस को 9/11 जैसी त्रासदी को रोकने से जोड़ा गया।
हालांकि, 9/11 का संदर्भ यहां एक तुलना के तौर पर दिया गया है। पीएम मोदी ने इसे कैप्टन मछार की सूझबूझ और साहस की गंभीरता समझाने के लिए उद्धृत किया।
इस पूरे घटनाक्रम ने विमानन क्षेत्र में संकट के समय पायलट की भूमिका को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। एक उड़ान में मौजूद यात्रियों के लिए पायलट का निर्णय केवल उड़ान संचालन तक सीमित नहीं होता, बल्कि असाधारण परिस्थितियों में उनकी प्रतिक्रिया यात्रियों की सुरक्षा के लिए निर्णायक हो सकती है।
कैप्टन स्मित मछार फिलहाल गंभीर चोटों के बाद स्वास्थ्य लाभ की स्थिति में हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करने को कहा है। भारत में उनके साहस को लेकर गर्व की भावना है, जबकि इजराइल और अमेरिका के शीर्ष नेताओं की ओर से भी उनकी भूमिका की सार्वजनिक सराहना की गई है।



