कैप्टन स्मित मछार पर BJP का कांग्रेस से सवाल- ‘बुरहान-अफजल पर बोलने वाले अब चुप क्यों?’

कैप्टन स्मित मछार पर BJP का कांग्रेस से सवाल- ‘बुरहान-अफजल पर बोलने वाले अब चुप क्यों?’

फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मछार को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए सवाल किया है कि जिन मुद्दों पर कांग्रेस के नेता पहले खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं, वे कैप्टन स्मित मछार के मामले में चुप क्यों हैं। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेतृत्व से इस पर जवाब मांगा है। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच एक तथ्य साफ है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी महासचिव जयराम रमेश कैप्टन स्मित की बहादुरी की सार्वजनिक रूप से तारीफ कर चुके हैं।

बीजेपी ने उठाया ‘चुप्पी’ का सवाल

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कई पुराने विवादित मामलों और नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि कैप्टन स्मित मछार के साहस पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से उसी तरह मुखर प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।

त्रिवेदी ने अपने बयान में जाकिर नाइक, अफजल गुरु, बुरहान वानी, याकूब मेमन और बाटला हाउस एनकाउंटर जैसे मामलों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर कांग्रेस से जुड़े नेताओं की ओर से अलग-अलग समय पर टिप्पणियां सामने आती रही हैं, लेकिन कैप्टन स्मित के मामले में गांधी परिवार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई।

बीजेपी सांसद ने कहा कि स्मित मछार ने अपनी जान जोखिम में डालकर विमान में सवार लोगों की जान बचाने के लिए साहस दिखाया। ऐसे में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने की थी खुलकर तारीफ

हालांकि, बीजेपी के इस आरोप के बीच कांग्रेस के आधिकारिक रुख की तस्वीर कुछ अलग दिखाई देती है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 1 अक्टूबर को कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की थी।

खरगे ने कहा था कि कॉकपिट में चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करने के दौरान कैप्टन स्मित और उनके क्रू ने असाधारण सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उनके मुताबिक, स्मित ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना विमान में मौजूद करीब 180 यात्रियों की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई।

खरगे ने कैप्टन स्मित के परिवार को भी बधाई दी और उनके जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे बहादुर लोगों की जरूरत है।

जयराम रमेश ने भी बताया प्रेरणादायक

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सोशल मीडिया के जरिए कैप्टन स्मित मछार की तारीफ की। उन्होंने स्मित की हिम्मत, तेजी से फैसला लेने की क्षमता और दृढ़ कार्रवाई को प्रेरणादायक बताया।

रमेश के मुताबिक, कैप्टन स्मित ने जिस तरह की बहादुरी दिखाई, वह लंबे समय तक याद रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके साहस को देखकर पूरा देश प्रभावित है।

यानी एक तरफ बीजेपी गांधी परिवार की कथित चुप्पी को राजनीतिक मुद्दा बना रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ नेता कैप्टन स्मित की बहादुरी की तारीफ कर चुके हैं। ऐसे में विवाद का केंद्र अब सिर्फ पायलट की बहादुरी नहीं, बल्कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया बन गया है।

सियासत में क्यों गरमा रहा है यह मामला?

कैप्टन स्मित मछार का मामला अब राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बन चुका है। बीजेपी इसे कांग्रेस और गांधी परिवार के कथित ‘दोहरे मापदंड’ से जोड़ रही है। पार्टी का सवाल है कि जिन मुद्दों पर कांग्रेस नेता पहले मुखर रहे हैं, उसी तरह की स्पष्टता इस मामले में क्यों नहीं दिखाई गई।

दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से खरगे और जयराम रमेश की सार्वजनिक टिप्पणियां यह दिखाती हैं कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कैप्टन स्मित के साहस की सराहना की है।

ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस में और उभर सकता है। फिलहाल बीजेपी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से सीधे जवाब की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की ओर से कैप्टन स्मित की बहादुरी को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया पहले ही सामने आ चुकी है।