न्यूजीलैंड दौरे से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के सेलेक्टर्स के सामने इस बार एक साथ कई बड़े फैसले लेने की चुनौती है। BCCI को सिर्फ एक टीम नहीं, बल्कि चार अलग-अलग भारतीय स्क्वॉड चुनने हैं। इनमें टी20, वनडे और टेस्ट टीम के साथ इंडिया ए की टीम भी शामिल है। सबसे ज्यादा नजर ऋषभ पंत और केएल राहुल जैसे टेस्ट क्रिकेट के अहम खिलाड़ियों की तैयारियों पर रहेगी। वहीं जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड और प्रसिद्ध कृष्णा की फिटनेस रिपोर्ट भी चयन प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकती है।
भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से टी20 सीरीज के साथ शुरू होना है। इसके बाद वनडे और टेस्ट मुकाबले खेले जाएंगे। इसी दौरान इंडिया ए की सीरीज भी न्यूजीलैंड में होगी। यही वजह है कि सेलेक्टर्स को खिलाड़ियों की उपलब्धता, वर्कलोड और अलग-अलग फॉर्मेट की जरूरतों के बीच संतुलन बनाना होगा।
एक साथ चार टीमों का चयन, शेड्यूल बना सबसे बड़ी चुनौती
इस दौरे के लिए चयन बैठक पहले 5 अक्टूबर को प्रस्तावित थी। लेकिन तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार होने के कारण इसे आगे बढ़ाना पड़ा।
चयनकर्ताओं के सामने सबसे बड़ी परेशानी न्यूजीलैंड में मैचों का ओवरलैप होना है। इंडिया ए की सीरीज 24 अक्टूबर से शुरू होगी। उसी दौरान भारत की टी20 और वनडे सीरीज भी चल रही होगी। ऐसे में खिलाड़ियों को अलग-अलग टीमों में इस्तेमाल करने की योजना काफी सावधानी से बनानी होगी।
टेस्ट टीम के खिलाड़ियों के लिए इंडिया ए सीरीज को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में टेस्ट से पहले लाल गेंद से पर्याप्त मैच प्रैक्टिस दिलाना टीम मैनेजमेंट की प्राथमिकताओं में शामिल है।
पंत और राहुल पर खास नजर, इंडिया A में भी खेलेंगे
ऋषभ पंत अब टेस्ट क्रिकेट पर फोकस कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में टेस्ट सीरीज से पहले अभ्यास का मौका देने के लिए कम से कम एक इंडिया ए मुकाबले में उतारा जा सकता है।
केएल राहुल को लेकर भी ऐसी ही योजना बताई जा रही है। उनके अलावा देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन भी कम से कम एक इंडिया ए मैच खेल सकते हैं।
केएल राहुल के मामले में योजना थोड़ी अलग है। वह 24 अक्टूबर से शुरू होने वाले पहले इंडिया ए मुकाबले में खेलने के बाद ऑकलैंड में वनडे टीम से जुड़ सकते हैं। इससे उन्हें लाल गेंद और सफेद गेंद, दोनों फॉर्मेट के लिए अपनी तैयारियों को संतुलित करने का मौका मिलेगा।
बुमराह का वर्कलोड बना बड़ा सवाल
जसप्रीत बुमराह को लेकर चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की सबसे ज्यादा सावधानी देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, वेलिंगटन टेस्ट से पहले टीम मैनेजमेंट चाहता है कि बुमराह का वर्कलोड धीरे-धीरे बढ़ाया जाए।
बुमराह को इंडिया ए मैच में भेजने का मतलब होगा कि वनडे टीम से एक प्रमुख तेज गेंदबाज कम हो सकता है। दूसरी तरफ कुछ अधिकारी उन्हें रणजी ट्रॉफी में लंबे और कड़े मुकाबले खिलाने के पक्ष में भी नहीं हैं। ऐसे में बुमराह के इंडिया ए टीम में शामिल होने की संभावना नहीं बताई जा रही है।
वहीं बंगाल के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार के लिए यह दौरा बड़ा मौका बन सकता है। उन्होंने इरानी कप में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ आठ विकेट लेकर प्रभावित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें इंडिया ए के तीनों मुकाबलों के लिए चुना जा सकता है।
आकाश दीप को भी टेस्ट मैचों की तैयारी के लिए कुछ इंडिया ए मुकाबले खिलाए जाने की संभावना है। इसके अलावा कुछ तेज गेंदबाजों को इंडिया ए सीरीज खत्म होने के बाद भी न्यूजीलैंड में रोककर टेस्ट टीम की नेट प्रैक्टिस में इस्तेमाल किया जा सकता है।
मयंक यादव की रफ्तार पर नजर, इन खिलाड़ियों को भी मिल सकता है मौका
वनडे टीम के लिए मयंक यादव का नाम भी चर्चा में है। उनकी फिटनेस में सुधार और तेज गति के साथ लंबे स्पेल करने की क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। ऐसे में उन्हें वनडे सेटअप में शामिल किया जा सकता है।
इसके अलावा ऋतुराज गायकवाड़, नमन धीर और कुमार कुशाग्र को भी वनडे टीम में जगह मिलने की संभावना है।
कुल मिलाकर न्यूजीलैंड दौरे के लिए चयन सिर्फ नामों की घोषणा तक सीमित नहीं रहने वाला। यह खिलाड़ियों के वर्कलोड, फॉर्मेट की जरूरत और टेस्ट की तैयारी के बीच संतुलन का बड़ा अभ्यास होगा। चार टीमों के एक साथ चयन में खास तौर पर पंत, राहुल और बुमराह जैसे खिलाड़ियों का इस्तेमाल कैसे किया जाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी। वहीं युवा खिलाड़ियों के लिए भी यह दौरा टीम इंडिया के दरवाजे तक पहुंचने का अहम मौका बन सकता है।


