नई दिल्ली: भारतीय सेना में अफसर बनकर देश की सेवा करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए UPSC की कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा एक अहम रास्ता है। इस परीक्षा के जरिए योग्य ग्रेजुएट उम्मीदवारों को सेना, नौसेना और वायु सेना की अलग-अलग अकादमियों में प्रशिक्षण पाने का मौका मिलता है। लेकिन आवेदन करने से पहले एक बात समझना जरूरी है—इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) और ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में सिर्फ ट्रेनिंग का ही नहीं, बल्कि कमीशन और सैन्य सेवा की प्रकृति का भी अंतर है। सही अकादमी का चुनाव उम्मीदवार के करियर और भविष्य की योजना के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
क्या है CDS परीक्षा और किन अकादमियों में मिलता है मौका?
कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज यानी CDS परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) साल में दो बार करता है। इसका उद्देश्य योग्य उम्मीदवारों का चयन कर उन्हें सैन्य अकादमियों में अधिकारी बनने के लिए प्रशिक्षित करना है।
इस परीक्षा के माध्यम से उम्मीदवारों को चार प्रमुख अकादमियों में प्रवेश का अवसर मिलता है।
- इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA): भारतीय सेना में अधिकारी बनने के लिए।
- इंडियन नेवल अकादमी (INA): भारतीय नौसेना में अधिकारी बनने के लिए।
- एयर फोर्स अकादमी (AFA): भारतीय वायु सेना में अधिकारी बनने के लिए।
- ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA): भारतीय सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत अधिकारी बनने के लिए।
हालांकि, हर अकादमी के लिए शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए केवल CDS परीक्षा की तैयारी करना ही पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवार को यह भी तय करना चाहिए कि वह किस अकादमी के लिए योग्य है और किस तरह का सैन्य करियर बनाना चाहता है।
IMA और OTA में क्या अंतर है? कमीशन के प्रकार को समझें
CDS की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए IMA और OTA के बीच का अंतर सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है।
IMA में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उम्मीदवारों को परमानेंट कमीशन (Permanent Commission) दिया जाता है। इसके तहत अधिकारी निर्धारित सेवा नियमों के अनुसार सेना में लंबे समय तक करियर बना सकते हैं।
वहीं, OTA के जरिए चयनित उम्मीदवारों को शॉर्ट सर्विस कमीशन (Short Service Commission) मिलता है। इसमें सैन्य सेवा एक निर्धारित अवधि के लिए होती है। सामान्य व्यवस्था के अनुसार, शुरुआती सेवा अवधि 10 साल होती है, जिसे लागू नियमों और शर्तों के तहत चार साल तक बढ़ाया जा सकता है। आगे सेवा जारी रखने के विकल्प संबंधित नियमों और पात्रता पर निर्भर करते हैं।
उम्मीदवारों के लिए यह समझना जरूरी है कि दोनों रास्ते सेना में अधिकारी बनने का अवसर देते हैं, लेकिन सेवा की अवधि और करियर की प्रकृति अलग होती है।
IMA के संबंधित CDS कोर्स में पुरुष उम्मीदवार आवेदन करते हैं, जबकि OTA के संबंधित कोर्स के लिए पुरुष और महिला उम्मीदवारों के आवेदन का प्रावधान है। हालांकि, पात्रता को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित परीक्षा के आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई शर्तों के आधार पर ही होना चाहिए।
CDS के लिए कितनी पढ़ाई जरूरी, उम्र की सीमा क्या है?
CDS परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। हालांकि, अकादमी के अनुसार शैक्षणिक योग्यता में अंतर होता है।
IMA के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना जरूरी है। इंडियन नेवल अकादमी के लिए इंजीनियरिंग की डिग्री मांगी जाती है। एयर फोर्स अकादमी के लिए सामान्य तौर पर 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स के साथ ग्रेजुएशन या इंजीनियरिंग डिग्री की शर्त होती है। OTA के लिए भी ग्रेजुएशन आवश्यक है।
आयु सीमा की बात करें तो सामान्य तौर पर संबंधित अकादमियों के लिए ये आयु वर्ग बताए जाते हैं:
- IMA: लगभग 19 से 24 वर्ष।
- INA: लगभग 19 से 24 वर्ष।
- AFA: लगभग 20 से 24 वर्ष।
- OTA: लगभग 19 से 25 वर्ष।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सामान्य आयु सीमाएं हैं। उम्मीदवार की वास्तविक पात्रता संबंधित CDS परीक्षा के नोटिफिकेशन में निर्धारित जन्मतिथि की सीमा से तय होती है। इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना जरूर देखनी चाहिए।
लिखित परीक्षा से SSB इंटरव्यू तक, ऐसे पूरी होगी चयन प्रक्रिया
CDS में चयन के लिए उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के बाद सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू और मेडिकल जांच से गुजरना होता है। अंतिम चयन मेरिट, निर्धारित पात्रता और मेडिकल फिटनेस के आधार पर किया जाता है।
IMA, INA और AFA के लिए लिखित परीक्षा में तीन पेपर होते हैं—इंग्लिश, जनरल नॉलेज और एलिमेंट्री मैथेमेटिक्स। प्रत्येक पेपर 100 अंकों का होता है।
OTA के उम्मीदवारों को केवल इंग्लिश और जनरल नॉलेज की परीक्षा देनी होती है। दोनों पेपर 100-100 अंकों के होते हैं। यानी OTA के लिए लिखित परीक्षा का कुल वेटेज 200 अंक और IMA, INA तथा AFA के लिए 300 अंक होता है।
तैयारी के दौरान उम्मीदवारों को विषयों के साथ समय प्रबंधन पर भी ध्यान देना चाहिए।
इंग्लिश: इसमें ग्रामर, शब्दावली और भाषा की समझ से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।
जनरल नॉलेज: इतिहास, भूगोल, भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विज्ञान और करेंट अफेयर्स जैसे विषयों की तैयारी जरूरी है।
मैथेमेटिक्स: अंकगणित, बीजगणित, त्रिकोणमिति, ज्यामिति, क्षेत्रमिति और सांख्यिकी से प्रश्न पूछे जाते हैं।
परीक्षा में वस्तुनिष्ठ यानी मल्टीपल चॉइस प्रश्न होते हैं। गलत उत्तर देने पर नेगेटिव मार्किंग भी होती है। इसलिए बिना सोचे-समझे उत्तर देने के बजाय नियमित अभ्यास, मॉक टेस्ट और समय के अनुसार प्रश्न हल करने की आदत विकसित करना फायदेमंद रहेगा।
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
CDS परीक्षा उन ग्रेजुएट युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो रक्षा सेवाओं में अधिकारी के रूप में करियर बनाना चाहते हैं। लेकिन तैयारी शुरू करने से पहले अपनी शैक्षणिक योग्यता, जन्मतिथि और चुनी गई अकादमी की शर्तों की जांच करना जरूरी है।
IMA और OTA के बीच कमीशन के प्रकार का अंतर समझने से उम्मीदवार अपने करियर को लेकर बेहतर फैसला कर सकते हैं। साथ ही, लिखित परीक्षा के अलावा SSB इंटरव्यू और मेडिकल फिटनेस की तैयारी भी योजना का हिस्सा होनी चाहिए। आयु सीमा, पात्रता और आवेदन की तारीखों के लिए UPSC की आधिकारिक अधिसूचना को ही अंतिम आधार मानें।


