PU-DU के बाद ओडिशा में भी ABVP का दबदबा, अमित शाह बोले- ‘राष्ट्र प्रथम’ विचारधारा के साथ खड़ी है युवा शक्ति

PU-DU के बाद ओडिशा में भी ABVP का दबदबा, अमित शाह बोले- ‘राष्ट्र प्रथम’ विचारधारा के साथ खड़ी है युवा शक्ति

ओडिशा के विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को संगठन को बधाई देते हुए कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी और अब ओडिशा में मिली जीत देश के युवाओं की राजनीतिक प्राथमिकताओं का संकेत देती है। उन्होंने इन नतीजों को ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा के समर्थन से जोड़ते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि छात्रसंघ चुनावों में ABVP की जीत उन ताकतों को जवाब है, जो उनके अनुसार झूठ, भ्रम और अराजकता फैलाती हैं। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि युवा शक्ति ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ी है। हालांकि, यह शाह की राजनीतिक प्रतिक्रिया है और चुनाव परिणामों से सभी युवाओं की विचारधारा के बारे में कोई व्यापक निष्कर्ष अपने आप नहीं निकाला जा सकता।

ओडिशा के 13 विश्वविद्यालयों में 8 पर जीत का दावा

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी ओडिशा में ABVP के प्रदर्शन की सराहना की। उनके अनुसार, संगठन ने राज्य के 13 विश्वविद्यालयों में से 8 में जीत हासिल की और चुनाव में लड़ी गई कुल सीटों में से करीब 70 प्रतिशत पर सफलता प्राप्त की। वहीं, ABVP की ओडिशा इकाई ने राज्य के 100 से अधिक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जीत मिलने का दावा किया है।

संगठन ने इन नतीजों को छात्र राजनीति में अपनी बढ़ती ताकत और ‘राष्ट्र प्रथम’ विचारधारा के प्रति युवाओं के समर्थन के रूप में पेश किया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों के आधिकारिक चुनाव परिणामों और कुल लड़ी गई सीटों का विवरण देखना जरूरी है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में ABVP ने जीतीं तीन प्रमुख सीटें

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव में ABVP ने चार प्रमुख पदों में से तीन पर जीत दर्ज की थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल किए और NSUI के उम्मीदवार को 2,053 वोटों से हराया।

सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी 21,650 वोटों के साथ विजयी रहीं। वहीं, संयुक्त सचिव पद पर संगठन के लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। इन नतीजों को ABVP ने विश्वविद्यालय में अपनी मजबूत मौजूदगी के तौर पर पेश किया।

पंजाब यूनिवर्सिटी में भी ABVP की जीत

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र परिषद (PUCSC) चुनाव में ABVP के अंकित बिधान ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। उन्होंने आम आदमी पार्टी समर्थित छात्र संगठन ASAP के उम्मीदवार आदिल बरार को 512 वोटों से हराया।

अंकित बिधान को 3,149 वोट मिले, जबकि आदिल बरार के खाते में 2,637 वोट आए। इस जीत के साथ ABVP ने लगातार दूसरी बार पंजाब यूनिवर्सिटी में अध्यक्ष पद पर कब्जा बनाए रखा।

छात्र राजनीति में जीत के राजनीतिक मायने

पंजाब यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी और ओडिशा के चुनावों में ABVP के प्रदर्शन ने संगठन को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अमित शाह और तेजस्वी सूर्या ने इन नतीजों को संगठन की लोकप्रियता और उसकी विचारधारा के समर्थन के रूप में प्रस्तुत किया है।

हालांकि, छात्रसंघ चुनावों के परिणामों का आकलन विश्वविद्यालयों के स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवारों के प्रदर्शन और छात्र हितों के आधार पर भी किया जाना चाहिए। इन चुनावों में जीत किसी संगठन की कैंपस स्तर पर राजनीतिक स्थिति को दर्शाती है, लेकिन इसे देश के सभी युवाओं की राजनीतिक पसंद का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता।