राम मंदिर में रामलला के दर्शन होंगे आसान! 15 दिन की जगह 90 दिन पहले बुक करें पास, रोजाना कोटा भी दोगुने से ज्यादा बढ़ा

राम मंदिर में रामलला के दर्शन होंगे आसान! 15 दिन की जगह 90 दिन पहले बुक करें पास, रोजाना कोटा भी दोगुने से ज्यादा बढ़ा

अयोध्या में रामलला के दर्शन की योजना बना रहे भक्तों के लिए बड़ी राहत की खबर है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में सुगम दर्शन की व्यवस्था को आसान बनाने के लिए बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। अब भक्त अपनी यात्रा से 90 दिन पहले तक ऑनलाइन सुगम दर्शन पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। पहले यह सुविधा सिर्फ 15 दिन पहले तक उपलब्ध थी। इसके साथ ही रोजाना जारी होने वाले ऑनलाइन पास की संख्या भी 975 से बढ़ाकर 2,000 कर दी गई है। यानी अब पहले के मुकाबले ज्यादा भक्तों को पास के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा। इस बदलाव से दूसरे शहरों और राज्यों से अयोध्या आने वाले श्रद्धालु अपनी यात्रा, होटल और परिवहन की योजना पहले से बना सकेंगे। ट्रस्ट का मकसद दर्शन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और बिचौलियों पर निर्भरता कम करना है।

90 दिन पहले कर सकेंगे बुकिंग, भक्तों को क्या होगा फायदा?

राम मंदिर में दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं। ऐसे में पहले से यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए सीमित बुकिंग अवधि परेशानी का कारण बन सकती थी। अब 15 दिन की जगह 90 दिन पहले तक आवेदन की सुविधा मिलने से भक्तों को काफी समय मिल जाएगा।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक, ऑनलाइन सुगम दर्शन पास की संख्या तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर प्रतिदिन 2,000 कर दी गई है। पहले रोजाना 975 पास उपलब्ध कराए जाते थे। जरूरत और मांग को देखते हुए भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।

इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिल सकता है, जो परिवार के साथ दूर-दराज के इलाकों से अयोध्या आने की तैयारी करते हैं। उन्हें यात्रा की तारीख तय करने और दूसरे इंतजाम करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। हालांकि, आवेदन करने का मतलब पास मिलने की गारंटी नहीं है। अंतिम पुष्टि ट्रस्ट की निर्धारित प्रक्रिया के तहत होगी।

सात चरणों में जारी होंगे पास, तत्काल बुकिंग का विकल्प भी रहेगा

नई व्यवस्था के तहत सुगम दर्शन पास की बुकिंग को अलग-अलग चरणों में बांटने की योजना बनाई गई है। ट्रस्ट के अनुसार, यात्रा से 90, 62, 30, 14, 7, 3 और 1 दिन पहले आवेदन के चरण उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, उसी दिन दर्शन की योजना बनाने वाले भक्तों के लिए तत्काल पास का विकल्प भी रखा जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि सभी भक्तों को एक ही समय पर बुकिंग करने की जरूरत न पड़े। अलग-अलग चरणों में आवेदन की सुविधा मिलने से पास हासिल करने के अवसर बढ़ सकते हैं।

ट्रस्ट ने बताया कि इन बदलावों को मंजूरी महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) और उनकी आईटी टीम के साथ चर्चा के बाद दी है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नई व्यवस्था लागू कराने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

हालांकि, विस्तारित बुकिंग चरणों और अन्य तकनीकी बदलावों को सॉफ्टवेयर में जरूरी सुधार और परीक्षण पूरा होने के बाद चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन होगा वेरिफाई, 24 से 48 घंटे में मिल सकती है जानकारी

बुकिंग की सुविधा बढ़ाने के साथ ट्रस्ट ऑनलाइन सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने पर भी काम कर रहा है। इसके लिए वेरिफिकेशन आधारित प्रक्रिया तैयार की जा रही है, ताकि ऑटोमेटेड बुकिंग और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जा सके।

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, एडवांस बुकिंग के लिए आवेदन करते ही पास की पुष्टि नहीं होगी। पहले आवेदन का तकनीकी सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद आम तौर पर 24 से 48 घंटे के भीतर आवेदक को फैसले की जानकारी देने की योजना है।

इसका मतलब है कि भक्तों को आवेदन करने के बाद पुष्टि का इंतजार करना पड़ सकता है। इसलिए केवल आवेदन जमा करके यात्रा को पूरी तरह सुनिश्चित मान लेना उचित नहीं होगा। दूसरी ओर, उसी दिन के तत्काल पास के लिए वेटिंग पीरियड लागू नहीं होगा और उनकी पुष्टि तत्काल किए जाने की बात कही गई है।

ट्रस्ट का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक श्रद्धालुओं को प्राथमिकता देना और बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है। ऑनलाइन पास की संख्या और बुकिंग व्यवस्था की लगातार समीक्षा भी की जाएगी।

रामलला के सुगम दर्शन पास पूरी तरह फ्री, दलालों से रहें सावधान

ट्रस्ट ने साफ किया है कि रामलला के सुगम दर्शन पास पूरी तरह निःशुल्क हैं। भक्तों को पास हासिल करने के लिए किसी व्यक्ति को पैसे देने या किसी बिचौलिए की मदद लेने की जरूरत नहीं है।

बुकिंग के लिए ट्रस्ट की अधिकृत वेबसाइट online.srjbtkshetra.org का इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति सुगम दर्शन पास दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है, तो भक्त इसकी शिकायत ट्रस्ट से कर सकते हैं।

ट्रस्ट ने ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करने और अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए भी कदम उठाने शुरू किए हैं। आने वाले समय में मांग, बुकिंग और उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा के आधार पर पास की संख्या बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है।

कुल मिलाकर, 90 दिन पहले आवेदन की सुविधा और रोजाना पास की संख्या में बढ़ोतरी से रामलला के दर्शन की योजना बनाना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है। हालांकि, श्रद्धालुओं को बुकिंग की उपलब्धता, आवेदन की पुष्टि और नई व्यवस्था लागू होने की स्थिति अधिकृत वेबसाइट पर जरूर जांचनी चाहिए।