दिल्ली में राहुल गांधी की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली की बड़ी तैयारी, 10 लाख लोगों के जुटने का दावा, कांग्रेस ने बनाईं 20 समितियां

दिल्ली में राहुल गांधी की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली की बड़ी तैयारी, 10 लाख लोगों के जुटने का दावा, कांग्रेस ने बनाईं 20 समितियां

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को होने वाली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आयोजन की जिम्मेदारी संभालते हुए 20 अलग-अलग समितियों का गठन किया है। पार्टी का दावा है कि रैली में 10 लाख से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मंच, सुरक्षा, पार्किंग, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और मीडिया प्रबंधन से लेकर देशभर से आने वाले कार्यकर्ताओं की सुविधाओं तक की तैयारियां की जा रही हैं। कांग्रेस इस रैली को केवल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा अभियान बता रही है।

रामलीला मैदान पहुंचे दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष, तैयारियों का लिया जायजा

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ रामलीला मैदान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रैली के आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित नेताओं को जरूरी निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंच निर्माण, सुरक्षा इंतजाम, पार्किंग, पीने के पानी, मीडिया कवरेज और आम लोगों के बैठने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस मौके पर दिल्ली कांग्रेस प्रभारी काजी निजामुद्दीन, प्रदेश महासचिव एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य एन. रघुवीर रेड्डी, पूर्व मंत्री हारून यूसुफ, पूर्व मेयर फरहाद सूरी, उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल और जिला अध्यक्ष मोहम्मद उस्मान समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में रैली आयोजित होने के कारण इसकी सफलता की जिम्मेदारी प्रदेश कांग्रेस संगठन पर है। पार्टी के छोटे-बड़े नेता और कार्यकर्ता अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं।

10 लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद, 20 समितियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

कांग्रेस ने रैली में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया है। देवेंद्र यादव के मुताबिक, कार्यक्रम में 10 लाख से अधिक लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। इसी संभावित भीड़ को देखते हुए अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए 20 समितियां बनाई गई हैं।

इन समितियों को आयोजन के अलग-अलग काम सौंपे गए हैं। इनमें कार्यक्रम का संचालन, लोगों की आवाजाही, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे काम शामिल हैं।

पार्टी का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले कार्यकर्ताओं और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष तैयारी की जा रही है।

इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए पार्किंग और भीड़ प्रबंधन भी आयोजन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। हालांकि, 10 लाख लोगों की संख्या फिलहाल कांग्रेस का अनुमान है।

राहुल गांधी के मुद्दे पर कांग्रेस का जोर, वोट चोरी और SIR के खिलाफ आंदोलन

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि यह रैली केवल कांग्रेस का संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनता की आवाज उठाने का मंच है।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में मताधिकार की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि वह नागरिकों के वोट की ताकत और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।

देवेंद्र यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संविधान और लोकतंत्र बचाने के अभियान का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, गरीब, मजदूर, किसान और विभिन्न पेशों से जुड़े लोग इस मुद्दे पर कांग्रेस के साथ जुड़ रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि छात्र संगठनों ने रामलीला मैदान की रैली में शामिल होने की घोषणा की है। कांग्रेस इसे अपने नेतृत्व और विपक्षी गठबंधन के प्रति समर्थन के रूप में देख रही है।

यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी की नीतियों और कामकाज के खिलाफ युवा अपनी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से SIR प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर चल रहे विरोध का जिक्र किया।

वोट की सुरक्षा को लेकर आर-पार की लड़ाई का संदेश

कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ उनकी पार्टी की लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, यह देश के हर नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा का सवाल है।

पार्टी का कहना है कि जब तक चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर उठाए जा रहे सवालों का समाधान नहीं होता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।

इस रैली के जरिए कांग्रेस दिल्ली से देशभर में अपना राजनीतिक संदेश पहुंचाने की तैयारी में है। राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाले इस कार्यक्रम में पार्टी की कोशिश होगी कि चुनावी पारदर्शिता, SIR प्रक्रिया और वोट के अधिकार जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता दी जाए।

अब सबकी नजर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली पर है। कांग्रेस के लिए यह आयोजन अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के साथ-साथ लोकतंत्र और मताधिकार के मुद्दे पर विपक्षी अभियान को धार देने का अवसर भी होगा।