संदीप दीक्षित ने कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व पर उठाए सवाल, कहा- बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे?

संदीप दीक्षित ने कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर उठाए सवाल

पिछले कुछ सालों से कांग्रेस पार्टी की चुनावों के दौरान हो रही दुर्दशा को लेकर कांग्रेस के बडे नेताओं ने भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर बड़े नेताओं पर सवाल उठाए हैं संदीप दीक्षित का कहना है कि इस समय कांग्रेस के पास सबसे बड़ी चुनौती एक अध्यक्ष को नियुक्त करना है। उनका कहना है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी कांग्रेस अपना अध्यक्ष तलाशने में नाकाम रही है।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए गए साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा कि इतने महीनों से कांग्रेस के के वरिष्ठ नेता नया अध्यक्ष नियुक्त नहीं कर सके। इसका कारण यह है कि वो सब डरते हैं कि आखिर बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे।

मैं वास्तव में हमारे वरिष्ठ नेताओं की तरफ से निराशा महसूस कर रहा हूं। उन्हें आगे आना चाहिए। इनमें से ज्यादातर राज्यसभा में हैं, कुछ तो पूर्व मुख्यमंत्री हैं और कुछ राज्यों में मुख्यमंत्री भी हैं, जो इस जिम्मेदारी को निभा सकते हैं। ​​​​​ये लोग आगे आएं और पार्टी के लिए कुछ साबित करें। इनमें पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी हैं, जो इस भूमिका को निभा सकते हैं। साक्षात्कार में संदीप दीक्षित ने एके एंटोनी, पी. चिदंबरम,  सलमान खुर्शीद जैसे बड़े नेताओं का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि इन सभी नेताओं के पास 4-5 साल बचे हैं, ऐसे में उन्हें बौद्धिक रूप से पार्टी का सहयोग करना चाहिए। ये लोग नेताओं के चयन में भी पार्टी की मदद कर सकते हैं।

समर्थन में आए शशि थरूर

संदीप दीक्षित के बयान पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट किया कि जो बात संदीप दीक्षित ने खुले आम कही है वही बात अन्य नेता भी कह रहे हैं, लेकिन गुपचुप तरीके से। साथ ही शशि थरूर ने ट्वीट में कहा है कि कांग्रेस कार्यसमिति से फिर अपील करते हैं कि वे कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करने के लिए और मतदाताओं को प्ररित करने के लिए नेतृत्व का चुनाव कराए।

राहुल गांधी के पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर संदीप दीक्षित ने कहा कि वे उनके फेैसले का सम्मान करते हैं।