पाकिस्तान में 26 साल का पहला हिंदू पायलट क्यों बना अल्पसंख्यकों के लिए प्रेरणा?

नई दिल्ली, राजसत्ता एक्सप्रेस। पड़ोसी देश पाकिस्तान से हमेशा वहां के अल्पसंख्यक यानी हिंदुओं के उत्पीड़न की खबरें आती रहती हैं। हालांकि, 73 साल के इस देश में पहली बार कुछ ऐसा हुआ है जिससे वहां रहने वाले हिंदू फख्र कर रहे हैं। दरअसल, पाकिस्तान एयरफोर्स में राहुल देव के नाम के एक हिंदू को पायलट चुना गया है। पाकिस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई हिंदू पायलट बना है। ऐसे में हिंदुओं के अत्याचार के लिए बदनाम पाकिस्तान में पहली बार किसी हिंदू को पायलट के तौर पर चुना जाना अच्छा कदम माना जा रहा है।

पाकिस्तानी मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, 26 वर्षीय राहुल देव सिंध प्रांत के थरपारकर जिले के रहने वाले हैं। राहुल का चयन पाकिस्तानी वायुसेना में जीडी पायलट अफसर के रूप में हुआ है। थरपारकर पाकिस्तान में हिंदुओं का गढ़ माना जाता है। यहां सबसे ज्यादा संख्या में हिंदू निवास करते हैं। राहुल देव के पायलट बनने की खबर सबसे पहले प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर रफीक अहमद खोकर ने ट्विटर पर शेयर की थी। उन्होंने एक ट्वीट कर राहुल देव को बधाई भी दी थी।

बेहद पिछड़ा इलाका है थरपारकर
राहुल देव जिस इलाके से आते हैं वो बेहद पिछड़ा और गरीब इलाका है। वैसे पाकिस्तान के इलाके में यहां हिंदुओं की सबसे ज्यादा आबादी रहती है, लेकिन फिर भी यहां लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी हासिल नहीं है। इलाके में अच्छे स्कूल और शिक्षण संस्थान तक नहीं है। इस बेहद पिछड़े इलाके से आने वाले राहुल ने जीडी पायलट जैसा बड़ा पद हासिल कर मिसाल पेश की है। साथ ही उनका पायलट चुना जाना भी हिंदुओं के लिए प्रेरणादायक भी है।