PC जॉर्ज की बयानबाजी पड़ी भारी, गवानी पड़ी पार्टी, पद दोनों

 

लगातार 33 साल से केरला के पुंजर विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि रहें प्लेथोटाथिल चाको जॉर्ज यानि की पीसी जॉर्ज को रविवार को कोट्टायम जिले के एराट्टुपेट्टा में उनके आवास से पुलिस ने हिरासत में लिया। जिन पर मुसलमानों के खिलाफ उनकी कथित विवादास्पद बयान देने का आरोप लगा ।

71 साल के इस राजनेता पर आरोप हैं कि इन्होंने गैर-मुसलमानों से मुसलमानों द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायों का बहिष्कार करने का आग्रह किया था।राज्य के पुलिस ने शनिवार को पुलिस प्रमुख अनिल कांत के निर्देश पर पूर्व विधायक के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की तथा जॉर्ज के खिलाफ यह आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया कि आपके भाषण में धार्मिक घृणा को बढ़ावा मिला हैं।

दरअसल शुक्रवार को एक आयोजित अनंतपुरी हिंदू महासम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे जॉर्ज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बयान दे डाला कि देश को अपने नियंत्रण में लेने के लिए मुस्लिमों द्वारा संचालित रेस्तरां में नपुंसकता पैदा करने वाली चाय बनाया और बेचा जाता है ताकि गैर मुस्लिम लोगों को बांझ बनाया जा सके।

PC जॉर्ज को अपने इस बयानबाज़ी के कारण अपनी पार्टी के साथ-साथ अपने पद को भी छोड़ना पड़ गया । इनके बयान के कारण पार्टी और सरकार को एक नई मुश्किल का सामना करना पड़ गया है।

हालांकि ऐसा कयास लगाया जा रहा था , उन्हें एलडीएफ में प्रवेश मिल सकती थी।लेकिन अच्युतानंदन के साथ उनके पिछले गलत समीकरण होने के कारण तथा, साथ-साथ अपने ही पुरुषों के खिलाफ उनके कटु बयान के वजह से अस्वीकार कर दिया गया था।

PC जॉर्ज का राजनीतिक सफर काफी शानदार रहा हैं , अगर इनके राजनीतिक सफर की बात किया जाए तो 1980 और 2022 के बीच तक का सफ़र एक उदाहरण प्रस्तुत करता नज़र आता है। उन्होंने 1980, 1982, 1996, 2001, 2006, 2011 और 2016 के चुनाव जीते।

PC जॉर्ज 1991 तक कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के साथ थे और फिर 2006 तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) में स्थानांतरित हो गए।

बात करे 2016 की मतदान कि तो, एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर सीपीएम, कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व वाले तीन प्रमुख मोर्चों को 27,821 वोटों और 43.65% मतदान मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीतकर चौंका दिया था ।

वह दो दशकों में किसी भी राजनीतिक मोर्चे के समर्थन के बिना विधानसभा क्षेत्र जीतने वाले पहले स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में उभरे। एसडीपीआई एकमात्र राजनीतिक दल था जिसने जॉर्ज को समर्थन की पेशकश की थी।

2016 की जीत के बाद जॉर्ज ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर रुख किया। 2017 में, वह अपनी पार्टी केरल जन पक्षम बनाने के बाद, बीजेपी को उम्मीद देते हुए एनडीए का सहयोगी बन गए , भाजपा को उनके रूप में जो राज्य में ईसाई चेहरे की सख्त तलाश थी उस तलाश को पूरा होती नजर पाई।

मगर भाजपा के साथ उनका राजनीतिक संबंध लंबे समय तक नहीं चला और उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद एनडीए से नाता तोड़ लिया क्योंकि कारण था, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन को जॉर्ज के निर्वाचन क्षेत्र से केवल 30,990 वोट मिले।