राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक दस्तावेज दिखाकर, वीर सावरकर को बताया अंग्रेजों का सबसे आज्ञाकारी सेवक , सियासत गरमाई

राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक दस्तावेज दिखाकर, वीर सावरकर को बताया अंग्रेजों का सबसे आज्ञाकारी सेवक , सियासत गरमाई

Rahul Gandhi Press conference: कांग्रेस समेत कई प्रतिद्वंदी दल के नेता वीर सावरकर की चिट्ठी के हवाले से कई प्रकार के आरोप लगाते रहते हैं। वहीं आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र के अकोला प्रेस वार्ता करके वीर सावरकर का जिक्र करते हुए भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने एक दस्तावेज दिखाते हुए उसे वीर सावरकर का पत्र करार दिया। राहुल गांधी ने पत्र को पढ़ते हुए कहा कि वीर सावरकर ने अंग्रेजों को लिखे एक चिट्ठी में कहा “सर, मैं आपके सबसे आज्ञाकारी सेवक बने रहने की याचना करता हूं, जिसमें उन्होंने हस्ताक्षर भी किया है।”

इसके साथ ही कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि जब सावरकर ने इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किया तो उसकी वजह भय थी। अगर वो डरते नहीं तो वो कभी हस्ताक्षर नहीं करते और जब उन्होंने हस्ताक्षर किया तब उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार पटेल समेत अन्य नेताओं को धोखा दिया।

कांग्रेस नेता ने पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर  देते हुए कहा कि “भारत में बीते 8 वर्ष से भय की स्थिति माहौल, नफरत और हिंसा फैलाई जा रही है। भाजपा के नेता किसानों से बात नहीं करते हैं। युवाओं से बात नहीं करते हैं क्योंकि अगर वो इनसे बात करते तो उनको पता लगता कि किसानों और युवाओं को सामने का रास्ता नहीं दिखाई दे रहा है।” इसके साथ ही उन्होंने आगे  कहा कि “देश में बेरोजगारी फैल रही है, मंहगाई फैल रही और न ही किसानों को सही मूल्य मिल रहा है, जिसके चलते हमने भारत जोड़ो यात्रा प्रारंभ की है।”