श्रेयस अय्यर का धमाका: IPL में तीन अलग-अलग टीमों को फाइनल तक पहुंचाने वाले पहले कप्तान

श्रेयस अय्यर का धमाका: IPL में तीन अलग-अलग टीमों को फाइनल तक पहुंचाने वाले पहले कप्तान

श्रेयस अय्यर ने IPL के इतिहास में एक नया कीर्तिमान रच दिया है। वो पहले ऐसे कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने तीन अलग-अलग टीमों को फाइनल तक पहुंचाया। इस बार उन्होंने पंजाब किंग्स को अपनी कप्तानी में पहली ही कोशिश में IPL फाइनल में जगह दिला दी। पंजाब की टीम 17 सीजन में सिर्फ दूसरी बार फाइनल में पहुंची है। श्रेयस ने न सिर्फ अपनी कप्तानी से कमाल दिखाया, बल्कि बल्ले से भी धमाकेदार प्रदर्शन कर BCCI के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब BCCI को उनके टैलेंट पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

दिल्ली, KKR और अब पंजाब: श्रेयस की कप्तानी का जादू

श्रेयस अय्यर की कप्तानी का कमाल कोई नई बात नहीं है। साल 2020 में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को IPL फाइनल तक पहुंचाया, हालांकि तब टीम खिताब से चूक गई थी। फिर 2024 में उनकी कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई, बल्कि खिताब भी अपने नाम किया। अब पंजाब किंग्स को फाइनल में पहुंचाकर श्रेयस ने दिखा दिया कि उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी का लोहा हर कोई मानता है। पंजाब अब खिताब जीते या न जीते, श्रेयस ने अपना काम बखूबी कर दिखाया है।

भारतीय टीम से क्यों हैं बाहर?

मजे की बात ये है कि इतना शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद श्रेयस अय्यर इस वक्त न तो भारत की टेस्ट टीम में हैं और न ही टी20 इंटरनेशनल का हिस्सा हैं। हाल ही में इंग्लैंड सीरीज के लिए भारतीय टीम चुनी गई थी, तब उम्मीद थी कि श्रेयस को जगह मिलेगी, लेकिन उनका नाम गायब था। चैंपियंस ट्रॉफी में श्रेयस ने धमाकेदार बल्लेबाजी की थी और भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए थे। उस टूर्नामेंट में भारत ने खिताब भी जीता था। फिर भी, उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिल रही।

कब खेले आखिरी टेस्ट और टी20?

श्रेयस ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल दिसंबर 2023 में खेला था। तब से भारत ने ढेर सारे टी20 मैच खेले, लेकिन श्रेयस को मौका नहीं दिया गया। उनका आखिरी टेस्ट फरवरी 2024 में था, लेकिन वहां से भी उनका पत्ता कट गया। अब IPL में उनके धमाकेदार प्रदर्शन को देखते हुए BCCI को सोचना होगा कि क्या श्रेयस को भारतीय टीम में स्थायी जगह दी जाए। उनके फॉर्म और कप्तानी को देखकर लगता है कि वो टीम इंडिया के लिए बड़ा योगदान दे सकते हैं। अब देखना ये है कि BCCI इस पर क्या फैसला लेता है।