वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष भड़काने की साजिश रच रहे हैं। सीएम योगी ने कांवड़ यात्रियों को उपद्रवी और आतंकवादी कहने की मानसिकता की कड़ी निंदा की और इसे भारत की विरासत व आस्था को अपमानित करने की कोशिश करार दिया।
उन्होंने कहा, “आज कांवड़ यात्री, भक्ति-भावना से चलते हैं, 200, 300, 400 किलोमीटर कांवड़ को कंधे पर लेकर चले जाते हैं, हर हर बम बोलते हुए, लेकिन उनका भी मीडिया ट्रायल होता है, उन्हें उपद्रवी आतंकवादी तक बोला जाता है। ये वो मानसिकता है, जो हर प्रकार से भारत की विरासत और आस्था को अपमानित करने का काम करते हैं। यही लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष फैलाने का काम करते हैं।”
समाज के बीच लोगों को मुख्यधारा से अलग करने की साजिश
सीएम योगी ने समाज को मुख्यधारा से अलग करने की साजिशों पर भी प्रकाश डाला। सीएम ने कहा, “हमारी चुनौती ऐसी है कि कुछ लोग समाज के बीच लोगों को मुख्यधारा से अलग करने का काम करते हैं।” उन्होंने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए बताया, ” दो-तीन साल पहले एक आगजनी की घटना में एक व्यक्ति भगवा गमछा ओढ़े था, बीच में उसके मुंह से निकला ‘या अल्लाह’। ऐसे लोगों को चिन्हित करने की आवश्यकता है। ”
‘साजिशों को बेनकाब करना और समाज में एकता बनाए रखना जरूरी’
सीएम योगी ने मुहर्रम के दौरान ताजिया जुलूस में उत्पात की कोशिशों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “सावन का महीना चल रहा है, इससे पहले मुहर्रम था। हमने नियम बना दिए थे कि ताजिए की लंबाई सीमित रखें, इससे बिजली और पेड़ की टहनियों को नुकसान पहुंचता था। जौनपुर में एक घटना हुई, ताजिया को इतना ऊंचा किया कि हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गए, 3 लोग मारे गए, बाद में उपद्रव हुआ। तो मैंने कहा, लाठी मारो इनको, ये लातों के भूत हैं, बातों से नहीं मानेंगे। इसका किसी ने विरोध नहीं किया।”
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसी साजिशों को बेनकाब करना और समाज में एकता बनाए रखना जरूरी है। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया और सामाजिक सौहार्द को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।



