बिहार चुनाव 2025: अमित शाह का दो दिवसीय दौरा, शाहाबाद-मगध में BJP की रणनीति पर फोकस

बिहार चुनाव 2025: अमित शाह का दो दिवसीय दौरा, शाहाबाद-मगध में BJP की रणनीति पर फोकस

विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. सभी राजनीतिक पार्टियां राज्य में अपने संगठन को मजबूत करने पर जुट गई हैं. इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार से दो दिवसीय बिहार दौरे पर रहेंगे.

इस दौरान वह विभिन्न जिलों के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठकें करेंगे और चुनावी बनाएंगे. अमित शाह गुरुवार को डेहरी-ऑन-सोन और बेगूसराय में राज्य के 20 जिलों के बीजेपी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे.

अमित शाह डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास जिले) के स्वर्गीय ललन सिंह स्टेडियम में मगध और शाहाबाद क्षेत्र के 10 जिलों के भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक करेंगे.

उसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री बेगूसराय में जाएंगे. वहां वह पटना ग्रामीण, पटना मेट्रो, बाढ़ और नालंदा जिलों सहित अन्य 10 जिलों के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे.

2000-2500 पार्टी कार्यकर्ताओं से करेंगे संवाद

भाजपा ने बिहार को पांच संगठनात्मक क्षेत्रों में विभाजित किया है और अमित शाह इस यात्रा के दौरान इनमें से दो क्षेत्रों के नेताओं से बातचीत करेंगे. वह जिला अध्यक्षों और विधायकों सहित लगभग 2,000 से 2,500 भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे. पार्टी नेताओं का कहना है कि बैठक में चुनावी तैयारियों और रणनीतियों पर जोर दिया जाएगा .

भाजपा ने राज्य में प्रचार योजना शुरू की है. इसके तहत बूथ स्तर के नेता और कार्यकर्ता पार्टी के “सेवा पखवाड़ा” कार्यक्रम शुरू किया है. इसके तहत 18 से 25 सितंबर तक “घर-घर संपर्क अभियान” चलाए जाएंगे. इस दौरान, वे लोगों को राज्य और केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे.

इस बैठक के बाद अमित शाह के 27 सितंबर को भाजपा नेताओं के साथ अगली बैठक करेंगे. इन बैठकों में सीट बंटवारे, उम्मीदवारों के चयन और गठबंधन सहयोगियों के साथ प्रचार रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना है. भाजपा 225 सीटों पर जीत टारगेट रखा है और इस रणनीति के तहत सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलनों की योजना बनाई जा रही है.

बूथ स्तर पर तैयारियों की होगी समीक्षा

भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बैठक को लेकर कहा कि केंद्रीय मंत्री का दौरा जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को संगठित करने और चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए है. केंद्रीय मंत्री भाजपा की बूथ स्तर की तैयारियों और पार्टी को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे.

उन्होंने कहा कि अमित शाह जिला और क्षेत्रीय स्तर पर चुनावी रणनीतियों की समीक्षा करेंगे और सांसदों, विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और जिला अध्यक्षों के साथ बातचीत करके जमीनी हकीकत का आकलन करेंगे और बिहार विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक रोडमैप तैयार करेंगे.

जायसवाल ने कहा कि इस दौरे से भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और चुनावों के लिए संगठनात्मक रणनीति को गति मिलेगी. शाह का यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 सितंबर को पूर्णिया दौरे के तुरंत बाद हो रहा है. उनके यह दौरा राज्य में चुनाव से पहले एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है. इस बैठक के दौरान ही सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी चर्चा किए जाने के आसार हैं.

मगध और शाहाबाद पर होगा फोकस

अमित शाह गुरुवार को बैठक के दौरान मगध क्षेत्र और डेहरी-ऑनसोन से शाहाबाद पर फोकस करेंगे. इस इलाके में एनडीए पिछले चुनाव में बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था.

उन्होंने कहा कि साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में शाहाबाद की 22 विधानसभा सीटों में से एनडीए केवल दो पर ही जीत हासिल कर पाई थी, जबकि महागठबंधन ने 19 सीटों और बसपा ने एक सीट पर जीत हासिल की थी. वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में आरा, काराकाट, बक्सर और सासाराम जैसी शाहाबाद की चारों सीटों पर एनडीए का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था.

उन्होंने कहा कि हालांकि थोड़ी संतोष की बात है कि 2024 में विधानसभा उपचुनाव में चार सीटों पर चुनाव हुए थे. उसमें एनडीए की स्थिति सुधरी थी. पीएम मोदी उत्तर बिहार, सीमांचल कोशी, छपरा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पूर्णिया का दौरा कर चुके हैं. ऐसे में अब अमित शाह मगध और शाहाबाद को साधने में जुट गए हैं.

चुनावी प्रदर्शन सुधारने की कवायद

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार शाह जिन क्षेत्रों में एनडीए के खराब प्रदर्शन को लेकर चिंतित हैं, जिसमें रोहतास, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, गया, नवादा, अरवल, जहानाबाद और औरंगाबाद जैसे जिले शामिल हैं. 2020 के विधानसभा चुनावों में, इन जिलों में बड़ी संख्या में सीटें राजद, कांग्रेस और वामपंथी गठबंधन ने जीती थीं, जो पिछले साल हुए लोकसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन से फिर से बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे थे.

बेगूसराय, जो केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का लोकसभा क्षेत्र है, में अमित शाह पटना और मुंगेर संभाग के अन्य 10 जिलों के पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से बातचीत करेंगे.

मुंगेर संभाग में बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, जमुई और शेखपुरा के अलावा, इसी जिले का प्रतिनिधित्व पूर्व जदयू अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ललन करते हैं. इस तरह पटना संभाग में इसी नाम का जिला और उससे सटा नालंदा भी शामिल है, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह क्षेत्र है. हालांकि पटना और मुंगेर एनडीए के गढ़ हैं, फिर भी अमित शाह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भाजपा और उसके सहयोगी इस क्षेत्र में क्लीन स्वीप करें.

संगठन को मजबूत करने का बनेगा प्लान

भाजपा सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह ने उन इलाकों को चिह्नित किया है, जहां संगठन कमजोर है और यहां और भी काम करने की जरूरत है. इसी रणनीति के तहत अमित शाह शाहाबाद-मगध के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने लिए नेताओं के साथ बैठक करेंगे और इस बैठक में रणनीति तय होगी.

इस बैठक का उद्देश्य शाहाबाद-मगध क्षेत्र में संगठन को नई ऊर्जा देना है और आगामी चुनावों के लिए रणनीति बनाई है. भाजपा का उद्देश्य समय रहते कमजोर इलाकों को साधना और आगामी चुनावों में पार्टी की संभावनाओं को मजबूत कर सकता है.

जानें किन-किन जिलों के साथ होगी बैठक

सुबह 10 बजे डेहरी-ऑन-सोन स्थित ललन सिंह स्टेडियम में रोहतास, कैमूर, गया पश्चिम, नवादा, आरा, बक्सर, जहानाबाद, अरवल, गया पूर्व, और औरंगाबाद के संगठनात्मक जिलों के नेताओं के साथ अमित शाह बैठक करेंगे.

इसके बाद दोपहर 2 बजे बेगूसराय के रिफाइनरी टाउनशिप खेल मैदान में पटना ग्रामीण, लखीसराय, खगड़िया, पटना महानगर, बाढ़, नालंदा, शेखपुरा, मुंगेर, जमुई और बेगूसराय जिलों के नेताओं से संवाद करेंगे.