घने जंगलों में रहने वाला खौफ का दूसरा नाम और देश का सबसे कुख्यात नक्सली माडवी हिडमा आखिरकार एनकाउंटर में मारा गया. हिडमा का खौफ ऐसा था कि उसका नाम सुनते ही लोगों की सांसें रुक जाती थीं. उसे आंध्र प्रदेश के मारेडुमिली जंगल में भीषण एनकाउंटर के दौरान ढेर कर दिया गया. पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के शीर्ष कमांडर हिडमा पर एक करोड़ रुपये का इनाम था. आइए जान लेते हैं कि हिडमा जिस PLGA का अगुवा था, वह कैसे बनी और क्या थी हिडमा की जिम्मेदारी?
पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की स्थापना साल 2000 में सीपीआई (माओवादी) संगठन द्वारा की गई थी. इसे नक्सलियों की एक प्रमुख सशस्त्र लड़ाकू शाखा के रूप में गठित किया गया था. इसके जरिए नक्सली सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध करते हैं. अत्याधुनिक हथियारों से लैस इस संगठन में विशेष रूप से लड़ाकू युवाओं को शामिल किया जाता है, जो आमने-सामने की मुठभेड़ में भी माहिर होते हैं.




