Noida Engineer Death Case: कोर्ट की सख्त फटकार, पूछा– गड्ढे की जिम्मेदार Noida Authority आरोपी क्यों नहीं?

Noida Engineer Death Case: कोर्ट की सख्त फटकार, पूछा– गड्ढे की जिम्मेदार Noida Authority आरोपी क्यों नहीं?

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में अब न्याय की सुगबुगाहट तेज हो गई है. गौतमबुद्धनगर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने इस मामले में पुलिस और प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए एक ऐसा सवाल पूछा है, जिसने नोएडा अथॉरिटी की नींद उड़ा दी है. कोर्ट ने पूछा- जब गड्ढे की जिम्मेदारी नोएडा अथॉरिटी की थी, तो उन्हें आरोपी क्यों नहीं बनाया गया?

आरोपी बिल्डरों की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि जिस गड्ढे में कार डूबी, उसमें 2021 से पानी भर रहा था. फंड स्वीकृत होने के बावजूद नोएडा अथॉरिटी ने इसे ठीक नहीं कराया.

सबसे हैरान करने वाली बात तब सामने आई जब कोर्ट ने जांच अधिकारी (IO) से बिल्डर द्वारा दी गई 500 पन्नों की रिपोर्ट पर सवाल किया. आईओ ने जवाब दिया कि उन्होंने इसे अभी तक पढ़ा ही नहीं है. इस पर कोर्ट ने सख्त नाराजगी जाहिर की. अब मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी और 2 फरवरी को होगी.

120 मिनट का मौत से मुकाबला

16 जनवरी की रात सेक्टर-150 में जो हुआ, वह हाईटेक शहर नोएडा के माथे पर कलंक है. बेसमेंट के लिए खोदे गए प्लॉट में भरे पानी में युवराज की कार समा गई थी. युवराज कार के अंदर मोबाइल की टॉर्च जलाकर अपने जिंदा होने का संकेत दे रहा था. बाहर पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ के 80 जवान मौजूद थे, लेकिन वे महज ‘तमाशबीन’ बने रहे. पिता राजकुमार मेहता हर अधिकारी के पैर पकड़कर मिन्नतें करते रहे, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा. रेस्क्यू टीम का एक सदस्य पानी में उतरा जरूर, लेकिन ठंडे पानी और सरिया के डर से महज 10 सेकंड में बाहर भाग आया. अंत में एक डिलीवरी बॉय मुनेंद्र सिंह ने पानी में उतरने का साहस दिखाया, लेकिन तब तक युवराज की सांसें थम चुकी थीं.

संसाधनों के नाम पर ‘गरीब’ नोएडा

खुद को उत्तर प्रदेश का ‘शो-विंडो’ कहने वाला गौतमबुद्धनगर आपदा के समय कितना असहाय है, यह युवराज की मौत ने साबित कर दिया. करीब दो घंटे तक चले इस ड्रामे के दौरान न तो जिला प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही नोएडा प्राधिकरण का. फिलहाल, पुलिस ने तीन बिल्डरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, लेकिन असली सवाल उन अधिकारियों पर है जिनकी लापरवाही ने एक हंसते-खेलते इंजीनियर की जान ले ली.