महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक युग का अंत हो गया है. बारामती के पास एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की निजी विमान हादसे में मौत हो गई. लैंडिंग के दौरान हुए इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी 5 लोगों की जान चली गई. सियासत के बेताज बादशाह कहे जाने वाले अजित पवार का अचानक इस तरह जाना न सिर्फ उनके समर्थकों के लिए, बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारे के लिए एक बड़ा झटका है.
अजित पवार वही नेता थे, जिनकी एक सियासी चाल ने साल 2019 में महाराष्ट्र की राजनीति को हिलाकर रख दिया था. राष्ट्रपति शासन के बीच 23 नवंबर की सुबह उन्होंने भाजपा के साथ हाथ मिलाकर देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. यह फैसला इतना चौंकाने वाला था कि कुछ घंटों में ही सत्ता का पूरा समीकरण बदल गया और महाराष्ट्र की राजनीति में विश्वास, रणनीति और सत्ता की नई परिभाषा गढ़ी गई.



