बारामती उपचुनाव पर सस्पेंस: अजित पवार की मौत की FIR हुई तो कांग्रेस हट सकती है मैदान से

बारामती उपचुनाव पर सस्पेंस: अजित पवार की मौत की FIR हुई तो कांग्रेस हट सकती है मैदान से

महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती उपचुनाव को लेकर नया मोड़ आ गया है। Indian National Congress ने साफ कहा है कि अगर पूर्व उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar की विमान दुर्घटना में मौत के मामले में FIR दर्ज होती है, तो वह चुनाव से हटने पर विचार कर सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब 23 अप्रैल को होने वाला यह उपचुनाव पहले ही भावनात्मक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला? हादसे से खाली हुई सीट

बारामती सीट पर उपचुनाव अजित पवार के निधन के बाद कराया जा रहा है। 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने पुणे जिले की इस सीट का आठ बार प्रतिनिधित्व किया था और कई बार रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी। अब इस सीट पर मुकाबला Sunetra Pawar और कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे के बीच तय हुआ है।

कांग्रेस का रुख: पहले जांच, फिर चुनाव पर फैसला

कांग्रेस प्रवक्ता Atul Londhe ने कहा कि पार्टी बिना शर्त चुनाव से पीछे नहीं हटेगी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर दुर्घटना को लेकर FIR दर्ज होती है और जांच आगे बढ़ती है, तो पार्टी और उसका उम्मीदवार इस पर पुनर्विचार कर सकते हैं। उन्होंने इस हादसे की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिवार ने भी जांच की मांग की है और यहां तक कि CBI जांच की मांग भी सामने आई है।

अन्य दलों का रुख: बिना मुकाबले चुनाव की अपील

जहां कांग्रेस चुनाव लड़ने पर अड़ी हुई है, वहीं अन्य विपक्षी दलों ने अलग रुख अपनाया है। Nationalist Congress Party (Sharad Pawar faction) और Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray faction) ने इस उपचुनाव को बिना मुकाबले कराने का समर्थन किया है। उनका मानना है कि अजित पवार के निधन के बाद यह सीट सम्मानजनक तरीके से भरी जानी चाहिए।

BJP पर आरोप: ‘सुविधा के हिसाब से राजनीति’

कांग्रेस ने इस पूरे मुद्दे पर Bharatiya Janata Party पर भी निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा ऐसे मामलों में अपने राजनीतिक फायदे के हिसाब से अलग-अलग रुख अपनाती है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि पहले भी कई जगह उपचुनाव हुए हैं, जहां किसी विधायक के निधन के बाद चुनाव बिना मुकाबले नहीं कराया गया।

आगे क्या? जांच और चुनाव दोनों पर नजर

अब इस पूरे घटनाक्रम में दो अहम पहलू सामने हैं—एक, विमान हादसे की जांच और दूसरा, उपचुनाव की दिशा। अगर FIR दर्ज होती है, तो यह मामला और गंभीर हो सकता है और चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। फिलहाल, बारामती की राजनीति में अनिश्चितता बनी हुई है और सभी की नजर आने वाले दिनों के घटनाक्रम पर टिकी है।