बंगाल चुनाव से पहले अमित शाह का ‘कोलकाता कैंप’: मैराथन बैठकें, 5 दिन तक जमीनी रणनीति पर फोकस

बंगाल चुनाव से पहले अमित शाह का ‘कोलकाता कैंप’: मैराथन बैठकें, 5 दिन तक जमीनी रणनीति पर फोकस

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में लंबी बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, शाह अगले पांच दिनों तक कोलकाता में ही रहेंगे और मतदान खत्म होने तक राज्य नहीं छोड़ेंगे।

यह संकेत साफ है कि बीजेपी इस चुनाव को लेकर कोई भी चूक नहीं करना चाहती। जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक, हर स्तर पर तैयारी को मजबूत किया जा रहा है।

4 घंटे की मैराथन बैठक, जमीनी रिपोर्ट पर फोकस

मंगलवार रात कोलकाता में अमित शाह ने दूसरे चरण के चुनाव प्रभारी और प्रवासी कार्यकर्ताओं के साथ एक लंबी बैठक की। यह बैठक करीब चार घंटे से ज्यादा चली।

इस बैठक में राज्य के पांचों संभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई। बूथ स्तर तक की स्थिति, कमजोर कड़ियां और संभावित चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शाह ने साफ तौर पर कहा कि चुनावी लड़ाई अब आखिरी चरण में है, इसलिए हर छोटी-बड़ी कमी को तुरंत ठीक करना होगा।

रैलियों के साथ संगठन पर भी बराबर जोर

अमित शाह सिर्फ जनसभाओं तक सीमित नहीं हैं। वह लगातार कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ संवाद कर रहे हैं। उनकी रणनीति दोहरी है—एक तरफ बड़े पैमाने पर रैलियां, दूसरी तरफ संगठनात्मक मजबूती।

पश्चिम बर्धमान की रैली में शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और घुसपैठ जैसे मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है, तो राज्य में सिंडिकेट और माफिया तंत्र को खत्म किया जाएगा।

रोजगार और उद्योग पर बड़े वादे

चुनावी रैलियों में अमित शाह ने रोजगार और उद्योग को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बनने पर हर साल युवाओं को एक लाख नौकरियां देने का लक्ष्य रखा जाएगा।

इसके अलावा, राज्य की औद्योगिक पहचान को फिर से मजबूत करने की बात कही गई। खासकर कुलटी जैसे इलाकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां कभी मजबूत औद्योगिक आधार था, जिसे दोबारा खड़ा किया जाएगा।

दो चरणों में वोटिंग, 4 मई को नतीजे

पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। पहला चरण 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होगा। दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा।

मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिस पर पूरे देश की नजर रहेगी।

इस चुनाव में बीजेपी और टीएमसी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। ऐसे में अमित शाह का कोलकाता में डेरा डालना इस बात का संकेत है कि पार्टी इस मुकाबले को निर्णायक बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।