‘WagonR से शीशमहल तक’… राहुल गांधी का केजरीवाल पर सीधा वार, चुनावी मंच से उठाए भ्रष्टाचार के सवाल

‘WagonR से शीशमहल तक’… राहुल गांधी का केजरीवाल पर सीधा वार, चुनावी मंच से उठाए भ्रष्टाचार के सवाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। कोलकाता में एक चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी ने ‘शीशमहल’ मुद्दे को उठाते हुए केजरीवाल की राजनीति और छवि पर सवाल खड़े किए। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ रहा है।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में सीधे तौर पर यह संदेश देने की कोशिश की कि जो नेता सादगी और वैकल्पिक राजनीति की बात करता था, वह अब उसी राह से भटक गया है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अलग-अलग राज्यों में चुनावी माहौल गर्म है और विपक्षी दल एक-दूसरे पर आक्रामक हैं।

‘नई राजनीति’ के दावे पर उठाए सवाल

रैली में बोलते हुए राहुल गांधी ने केजरीवाल के शुरुआती दिनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने एक अलग तरह की राजनीति का वादा किया था। उस दौर में उनकी सादगी और आम आदमी की छवि को खूब प्रचारित किया गया।

राहुल ने कहा कि लोग उस समय की तस्वीरें और दृश्य याद करते हैं, जब केजरीवाल एक साधारण कार—वैगनआर—से आते थे और खुद को आम आदमी का प्रतिनिधि बताते थे। लेकिन अब तस्वीर बदल गई है।

‘WagonR से शीशमहल’ तक का तंज

अपने भाषण में राहुल गांधी ने सबसे तीखा तंज इसी मुद्दे पर कसा। उन्होंने कहा कि वही नेता जो छोटी गाड़ी से राजनीति में आए, अब करोड़ों रुपए के कथित ‘शीशमहल’ में रहने लगे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद सादगी की जगह दिखावा और खर्चीली जीवनशैली ने ले ली। साथ ही, उन्होंने दिल्ली में बुनियादी ढांचे और प्रदूषण के मुद्दों का जिक्र करते हुए भी केजरीवाल सरकार पर सवाल उठाए।

‘शीशमहल’ विवाद क्या है?

दरअसल, विपक्षी दल लंबे समय से दिल्ली में मुख्यमंत्री आवास के निर्माण और उसमें हुए खर्च को लेकर केजरीवाल पर निशाना साधते रहे हैं। 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित इस सरकारी आवास को विरोधी दल ‘शीशमहल’ कहकर संबोधित करते हैं।

हाल ही में दिल्ली सरकार के एक मंत्री द्वारा एक अन्य कथित आवास को ‘शीशमहल-2’ बताने का दावा भी किया गया था। हालांकि, आम आदमी पार्टी की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया कि जो तस्वीरें सामने लाई गईं, वे वास्तविक नहीं हैं।

चुनावी रणनीति में तेज होती जुबानी जंग

राहुल गांधी का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। बंगाल जैसे राज्य में, जहां कई दल आमने-सामने हैं, वहां राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के बयान चुनावी नैरेटिव को प्रभावित करते हैं।

इस तरह के आरोप और जवाबी बयान यह भी दिखाते हैं कि आने वाले समय में राजनीतिक दल एक-दूसरे की छवि को चुनौती देने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि सादगी बनाम सत्ता, वादों बनाम हकीकत और छवि बनाम आरोप—इन तीनों के बीच की लड़ाई अब और तेज होने वाली है।