ITR फाइलिंग शुरू! AY 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 यूटिलिटी जारी, दो घरों की आय अब आसान

ITR फाइलिंग शुरू! AY 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 यूटिलिटी जारी, दो घरों की आय अब आसान

नई दिल्ली: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया आज से आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 (मूल्यांकन वर्ष 2026-27) के लिए इनकम टैक्स विभाग ने ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) की एक्सेल यूटिलिटी जारी कर दी है। अब पात्र करदाता ई-फाइलिंग पोर्टल से यूटिलिटी डाउनलोड करके ऑफलाइन काम शुरू कर सकते हैं और अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

यह खबर उन लाखों सैलरीड, पेंशनभोगी और छोटे व्यवसायियों के लिए राहत की है जो हर साल जुलाई अंत तक रिटर्न दाखिल करने की चिंता में रहते हैं। समय पर फाइलिंग से न सिर्फ जुर्माना बचता है, बल्कि रिफंड भी तेजी से मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

विभाग ने दी आधिकारिक जानकारी

इनकम टैक्स विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट जारी कर पुष्टि की कि AY 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 की एक्सेल यूटिलिटी तथा ऑनलाइन फाइलिंग सुविधा अब उपलब्ध है। टैक्सपेयर बिना इंटरनेट के भी डेटा भर सकते हैं, वैलिडेट कर सकते हैं और बाद में पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।

एक्सेल यूटिलिटी एक खास टूल है जो फॉर्म को आसान बनाती है। इसमें पहले से तय फील्ड्स, वैलिडेशन चेक और कैलकुलेशन फॉर्मूला दिए होते हैं, जिससे गलतियां कम होती हैं।

ITR-1 (सहज) में बड़ा बदलाव

ITR-1 फॉर्म में इस बार महत्वपूर्ण अपडेट आया है। अब जिन करदाताओं के पास दो आवासीय संपत्तियां हैं, वे भी अपनी आय इस फॉर्म के जरिए रिपोर्ट कर सकते हैं। पहले यह सुविधा सिर्फ एक घर तक सीमित थी।

यह फॉर्म उन निवासी व्यक्तियों के लिए उपयुक्त है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है। इसमें सैलरी, पेंशन, दो घरों से आय, ब्याज आय और सीमित कृषि आय शामिल की जा सकती है। साथ ही धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन की जानकारी भी दी जा सकती है।

ITR-4 (सुगम) फॉर्म की खासियतें

ITR-4 उन करदाताओं के लिए है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और जो धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत अनुमानित कराधान का विकल्प चुनते हैं। इसमें व्यक्ति, HUF और फर्म शामिल हो सकते हैं।

यह फॉर्म भी 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (धारा 112A) की रिपोर्टिंग की अनुमति देता है। CBDT ने इस साल रिपोर्टिंग नियमों में कुछ नए प्रावधान जोड़े हैं, जिनमें शेयर बायबैक से होने वाले नुकसान और कुछ ट्रेडिंग गतिविधियों की अतिरिक्त जानकारी शामिल है।

रिटर्न फाइलिंग क्यों जरूरी है?

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) करदाता की आय, कटौतियों और टैक्स भुगतान का औपचारिक दस्तावेज है। इसे आमतौर पर 31 जुलाई तक फाइल करना होता है। विभाग ने कुल सात ITR फॉर्म जारी किए हैं। सही फॉर्म का चुनाव व्यक्ति की आय के स्रोत और राशि पर निर्भर करता है।

समय रहते रिटर्न फाइल करने से बैंक लोन, वीजा, आय प्रमाण-पत्र जैसी कई जरूरतों में आसानी होती है। देर करने पर ब्याज और जुर्माना भी लग सकता है। इसलिए पात्र करदाताओं को सलाह है कि वे जल्द से जल्द अपनी डिटेल्स तैयार करें और यूटिलिटी के जरिए फाइलिंग प्रक्रिया पूरी करें।

विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in से ही यूटिलिटी डाउनलोड करें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचें।