पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen ने बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व मंत्री हुमायूं कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन खत्म कर दिया है। यह फैसला एक वायरल वीडियो के बाद आया, जिसने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। चुनाव से पहले इस घटनाक्रम को एक बड़े सियासी झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या है वीडियो विवाद, कैसे बढ़ा मामला
Trinamool Congress ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें कथित तौर पर Humayun Kabir यह कहते नजर आए कि उन्होंने Bharatiya Janata Party के साथ 1000 करोड़ रुपये की डील की है, ताकि Mamata Banerjee सरकार को गिराया जा सके और मुस्लिम समुदाय को गुमराह किया जा सके। हालांकि, कबीर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे “AI-जनरेटेड डीपफेक” बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।
AIMIM का रुख सख्त, ओवैसी ने किया किनारा
Asaduddin Owaisi की पार्टी AIMIM ने साफ कहा कि वह ऐसे किसी बयान या आरोप के साथ नहीं जुड़ सकती, जिसमें मुस्लिम समुदाय की साख पर सवाल उठता हो। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि वह इस गठबंधन से बाहर हो रही है और अब राज्य में किसी भी दल के साथ गठजोड़ नहीं करेगी।
BJP और कबीर की सफाई, आरोप-प्रत्यारोप जारी
इस विवाद पर भाजपा नेता Sukanta Majumdar ने कहा कि पार्टी को इस वीडियो के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने इसे कबीर का व्यक्तिगत मामला बताया। वहीं कबीर ने भी पलटवार करते हुए कहा कि 2019 के बाद से उनका भाजपा नेताओं से कोई संपर्क नहीं है। उन्होंने आरोप लगाने वालों को सबूत पेश करने की चुनौती दी और मानहानि का केस करने की बात कही।
पहले भी विवादों में रहे कबीर, नई पार्टी बनाकर उतरे मैदान में
हुमायूं कबीर पहले भी विवादों में रहे हैं। दिसंबर में Trinamool Congress ने उन्हें एक विवादित बयान के बाद निलंबित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाई और चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया।
चुनाव पर असर, बदलेगा समीकरण?
बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है, जबकि नतीजे 4 मई को आएंगे। ऐसे समय में गठबंधन टूटना और वीडियो विवाद चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटनाक्रम का वोटरों के फैसले पर कितना असर पड़ता है और कौन इसका राजनीतिक फायदा उठाता है।


