Delhi Capitals और Gujarat Titans के बीच मुकाबला आखिरी गेंद तक गया, लेकिन इसका अंत बेहद चौंकाने वाला रहा। 2 गेंदों में 2 रन चाहिए थे, और सबकी नजरें David Miller पर टिकी थीं। लेकिन पेनल्टिमेट गेंद पर सिंगल लेने से इनकार और आखिरी गेंद पर रन न बना पाना, दिल्ली के लिए हार की वजह बन गया। मैच खत्म होते ही मिलर “हीरो से विलेन” बन गए।
मिलर का तूफान, लगभग जीत दिला ही दी थी
मिलर ने इस मैच में शानदार वापसी की। पहले वह रिटायर्ड हर्ट होकर बाहर गए थे, लेकिन 17वें ओवर में लौटकर मैच का रुख बदल दिया। 19वें ओवर में Mohammed Siraj के खिलाफ 23 रन बनाकर उन्होंने मुकाबला पूरी तरह दिल्ली के पक्ष में ला दिया। आखिरी ओवर में 13 रन चाहिए थे, जो इस फॉर्म में आसान लग रहा था।
वो पल जिसने सब बदल दिया
जब समीकरण 2 गेंदों में 2 रन का था, तब Prasidh Krishna की गेंद पर मिलर ने शॉट खेला, लेकिन सिंगल लेने से मना कर दिया। यह फैसला पूरे मैच का टर्निंग पॉइंट बन गया। अगली गेंद पर वह रन नहीं बना सके और दिल्ली को सिर्फ 1 रन से हार का सामना करना पड़ा।
टीम का साथ, कप्तान अक्षर ने दिया समर्थन
हार के बाद कप्तान Axar Patel ने मिलर का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इतने करीबी मैच में किसी एक पल को दोष देना सही नहीं है और टीम को चेज में और समझदारी दिखानी चाहिए थी। ओपनर Pathum Nissanka ने भी कहा कि क्रिकेट में ऐसे फैसले हो जाते हैं और इसे ज्यादा बड़ा मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।
गावस्कर का समर्थन, इरादे को बताया सही
पूर्व क्रिकेटर Sunil Gavaskar ने भी मिलर का बचाव किया। उनका कहना था कि मिलर ने खुद पर भरोसा दिखाया और मैच खत्म करने की कोशिश की, जिसे गलत नहीं कहा जा सकता।
क्रिकेट का सबक: एक फैसला, सब कुछ बदल सकता है
यह मैच दिखाता है कि क्रिकेट में जीत और हार के बीच दूरी कितनी छोटी होती है। मिलर ने वही किया जो एक फिनिशर करता है—खुद मैच खत्म करने की कोशिश। लेकिन इस बार किस्मत ने साथ नहीं दिया, और दिल्ली को एक बेहद करीब मुकाबले में हार झेलनी पड़ी।

