भारतीय क्रिकेट में सेलेक्शन कमेटी से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अजीत अगरकर 16 सितंबर को चीफ सेलेक्टर के तौर पर आखिरी बार टीम इंडिया की चयन बैठक में शामिल हो सकते हैं। इस बैठक में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम चुनी जानी है। सीरीज की शुरुआत 27 सितंबर से प्रस्तावित है।
अगरकर का मौजूदा कार्यकाल अक्टूबर में पूरा होना है। इससे पहले ऐसी चर्चा थी कि उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जा सकता है और वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक चीफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। लेकिन अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगरकर आगे इस पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं।
खेल पत्रकार अभिषेक त्रिपाठी की रिपोर्ट के मुताबिक, 16 सितंबर की सेलेक्शन कमेटी मीटिंग के अगरकर की आखिरी बैठक होने की संभावना बेहद ज्यादा है। हालांकि, यह अभी रिपोर्ट के स्तर पर है और उनके पद छोड़ने को लेकर आधिकारिक घोषणा का उल्लेख नहीं किया गया है।
रोहित शर्मा कनेक्शन क्या है? इसी विवाद के बीच बदली कहानी
अगरकर के भविष्य को लेकर चर्चा में सबसे ज्यादा जिस मुद्दे का जिक्र हो रहा है, वह रोहित शर्मा का वनडे भविष्य है।
जुलाई में इंग्लैंड दौरे के दौरान ऐसी खबरें सामने आई थीं कि चयनकर्ताओं ने रोहित शर्मा से उनके भविष्य को लेकर बातचीत की है। रिपोर्ट में कहा गया था कि सेलेक्टर्स उनसे आगे बढ़ने की योजना बना रहे थे।
लेकिन इसके बाद BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस खबर का खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि रोहित भारतीय टीम की वनडे योजनाओं का हिस्सा बने रहेंगे।
यहीं से मामला और दिलचस्प हो गया। एक तरफ चयनकर्ताओं के स्तर पर रोहित के भविष्य को लेकर चर्चा की खबर आई, तो दूसरी तरफ BCCI की ओर से उनके वनडे प्लान का हिस्सा बने रहने की बात कही गई।
इसी घटनाक्रम को अब अगरकर के संभावित फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट में दावा है कि BCCI के हस्तक्षेप से अगरकर कथित तौर पर नाराज हैं और अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाना चाहते। हालांकि, यह बात फिलहाल रिपोर्ट में किए गए दावे के रूप में ही सामने आई है।
रोहित का प्रदर्शन भी बना था चर्चा का कारण
रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर बहस अचानक शुरू नहीं हुई थी। इंग्लैंड दौरे के दौरान उनके प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठे थे।
कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में रोहित ने 47 गेंदों पर 26 रन बनाए थे। इसके बाद उनके वनडे करियर को लेकर चर्चाएं तेज हुईं।
इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में रोहित के स्कोर 16, 48 और 79 रन रहे थे। इन प्रदर्शनों को लेकर भी उनकी निरंतरता पर चर्चा हुई थी।
हालांकि, कहानी का दूसरा पहलू भी है। रोहित ने लॉर्ड्स में खेले गए अपने पिछले वनडे में शतक लगाया था। इसलिए उनके वनडे भविष्य को लेकर तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं रही।
यही वजह है कि रोहित से जुड़ा चयन का फैसला भारतीय क्रिकेट में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब आगे क्या? वेस्टइंडीज सीरीज का चयन बन सकता है अहम पड़ाव
अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति के सामने फिलहाल तत्काल चुनौती वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम चुनने की है। सीरीज 27 सितंबर से शुरू होनी है और इससे पहले 16 सितंबर की बैठक में टीम चयन होना है।
अगर मौजूदा रिपोर्ट सही साबित होती है, तो यह बैठक अगरकर के चीफ सेलेक्टर के रूप में कार्यकाल का अंतिम बड़ा चयन फैसला बन सकती है।
हालांकि, अभी दो चीजों पर आधिकारिक स्पष्टता का इंतजार है—पहली, क्या अगरकर का कार्यकाल वास्तव में आगे नहीं बढ़ेगा और दूसरी, क्या रोहित शर्मा को लेकर चयन समिति और BCCI के बीच भविष्य की रणनीति क्या होगी।
आम क्रिकेट प्रशंसक के लिए इसका मतलब सिर्फ एक चयन बैठक से ज्यादा है। टीम इंडिया के अगले वनडे प्लान, सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका और 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी को लेकर चयन के फैसले आगे की दिशा तय कर सकते हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 16 सितंबर की बैठक के बाद क्या भारतीय क्रिकेट को नया चीफ सेलेक्टर मिलेगा, या अगरकर का कार्यकाल आगे बढ़ाने पर तस्वीर बदलेगी? इसका जवाब आधिकारिक फैसले के बाद ही साफ होगा।


