बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली गिरफ्तारी, निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल पुलिस हिरासत में

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली गिरफ्तारी, निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल पुलिस हिरासत में

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी और दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के मामले में पुलिस ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। चमोली पुलिस ने उन्हें उनके आवास से हिरासत में लेने के बाद बद्रीनाथ पहुंचाया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। यह मामला पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में है, क्योंकि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे की गिनती को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। अब पहली गिरफ्तारी के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है।

सोशल मीडिया पर आरोपों के बाद तेज हुई कार्रवाई

बद्रीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ी के आरोप सबसे पहले सोशल मीडिया पर सामने आए थे। इसके बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। ‘भैरव सेना’ नाम के एक संगठन ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराते हुए जांच और एफआईआर की मांग की थी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान जुटाए गए शुरुआती तथ्यों के आधार पर प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मंगलवार देर रात एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद रविवार रात चमोली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुरजीत सिंह पंवार के मुताबिक, आरोपी से बद्रीनाथ में पूछताछ की जा रही है और मामले के हर पहलू की जांच जारी है।

मंदिर समिति की शुरुआती जांच में मिले अनियमितताओं के संकेत

प्रमोद नौटियाल पहले श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष के निजी सहायक के रूप में काम कर चुके हैं। फिलहाल वह समिति से निलंबित कर्मचारी हैं।

बीकेटीसी ने इस पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि दान और चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोप पहली नजर में सही प्रतीत होते हैं। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति एक वैधानिक संस्था है, जो बद्रीनाथ मंदिर के साथ उत्तराखंड के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों का संचालन और प्रबंधन करती है। ऐसे में इस मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है।

सरकार ने भी बनाई अलग जांच समिति

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने भी अपनी ओर से तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल आयुक्त कर रहे हैं। समिति पूरे मामले की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी।

सरकार और मंदिर समिति, दोनों स्तर पर जांच जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह साफ हो सकेगा कि दान और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताएं किस स्तर तक हुईं और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

बद्रीनाथ मंदिर देश के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के साथ दान भी करते हैं। ऐसे में चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़ा कोई भी मामला सीधे श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़ जाता है। यही वजह है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।