बरेली में अब खुले में कूड़ा फेंका तो होगी बड़ी कार्रवाई, जुर्माने के साथ कट सकता है बिजली-पानी कनेक्शन

बरेली में अब खुले में कूड़ा फेंका तो होगी बड़ी कार्रवाई, जुर्माने के साथ कट सकता है बिजली-पानी कनेक्शन

बरेली में स्वच्छता नियमों को लेकर नगर निगम अब सख्त रुख अपनाने जा रहा है। खुले में कूड़ा फेंकने, सार्वजनिक स्थानों पर मलबा डालने और गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग न रखने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सिर्फ जुर्माना ही नहीं लगेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर बिजली और पानी का कनेक्शन भी काटा जा सकता है। शहर को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए यह कदम ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के तहत उठाया जा रहा है।

कूड़ा फैलाने वालों पर अब नहीं होगी नरमी

स्वच्छ भारत मिशन और राज्य सरकार की साफ-सफाई मुहिम के बावजूद कई इलाकों में लोग खुले में कूड़ा फेंक रहे हैं। इससे न केवल गंदगी बढ़ती है, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा होती हैं।

इसी को देखते हुए बरेली नगर निगम ने नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा या निर्माण सामग्री का मलबा फेंकना अब महंगा पड़ सकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गीला-सूखा कचरा अलग रखना होगा अनिवार्य

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के मुताबिक, शासन के निर्देशों के तहत प्रत्येक घर, दुकान, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण करना होगा।

इसके तहत गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट और ई-वेस्ट को अलग-अलग रखना अनिवार्य किया गया है। जांच के दौरान यदि कचरा मिला-जुला पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ चालान काटा जाएगा।

नगर निगम का मानना है कि यदि कचरा शुरुआत में ही अलग कर दिया जाए तो उसके निस्तारण की प्रक्रिया आसान और अधिक प्रभावी हो जाती है।

होटल, अस्पताल और सोसायटियों पर भी सख्त नियम

नई व्यवस्था के तहत बड़े होटल, अस्पताल, मॉल और आवासीय सोसायटियों को अपने परिसर में ही कचरे के निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी।

अधिकारियों का कहना है कि बड़े संस्थानों से बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। ऐसे में उन्हें कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी खुद निभानी होगी। नियमों का पालन नहीं करने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वच्छता नियमों का पालन करें और शहर को साफ रखने में सहयोग दें।

500 मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण की तैयारी

शहर में कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सथरापुर स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को जल्द शुरू करने की तैयारी चल रही है।

नगर निगम के अनुसार, प्लांट में मशीनों की स्थापना का काम शुरू हो चुका है और तकनीकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्लांट शुरू होने के बाद प्रतिदिन करीब 500 मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा।

इससे शहर में कूड़े के ढेर कम होंगे और डंपिंग की समस्या पर भी काफी हद तक नियंत्रण मिलने की उम्मीद है।

इंदौर और गुजरात मॉडल से ली जा रही सीख

पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि बेहतर कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू करने के लिए इंदौर और गुजरात के कुछ शहरों के मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है।

वहां अपनाई जा रही तकनीक, प्रोसेसिंग सिस्टम और संचालन व्यवस्था की रिपोर्ट मंगाई गई है, ताकि बरेली में भी आधुनिक और प्रभावी व्यवस्था लागू की जा सके।

नगर निगम को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित दौरे के दौरान इस परियोजना का औपचारिक शुभारंभ हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि प्लांट शुरू होने के बाद शहर में कचरा प्रबंधन की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है और स्वच्छ शहर के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।