नीतीश के बेटे निशांत बने मंत्री, सम्राट कैबिनेट में जाति का सख्त समीकरण

नीतीश के बेटे निशांत बने मंत्री, सम्राट कैबिनेट में जाति का सख्त समीकरण

बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का कैबिनेट विस्तार गुरुवार को हो गया। मुख्यमंत्री बनने के महज 22 दिन बाद हुई इस अहम कवायद में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार समेत 32 नए चेहरों ने मंत्री पद की शपथ ली। गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी ने इस घटना को खास महत्व दे दिया। सामान्य बिहारी के लिए यह विस्तार सिर्फ मंत्रियों की सूची नहीं, बल्कि आने वाले पांच साल की राजनीति और विकास की दिशा का संकेत है। रोजगार, शिक्षा, सड़क और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे-सीधे इस कैबिनेट की स्थिरता और संतुलन पर निर्भर करेगा।

जातिगत समीकरण: किस वर्ग को कितना हिस्सा मिला?

इस विस्तार में जातीय और सामाजिक संतुलन रखने का खास ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री समेत कुल 8 मंत्री ओबीसी वर्ग से हैं। अगड़ी जातियों से 9 मंत्रियों को जगह दी गई है। वहीं अल्पसंख्यक समुदाय से सिर्फ एक—जमा खान को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए गए हैं। विजय चौधरी भूमिहार समुदाय से हैं, जबकि विजयेंद्र यादव ओबीसी पृष्ठभूमि से आते हैं। खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कोइरी (OBC) समाज से हैं। बीजेपी कोटे से 15 और जेडीयू से 12 मंत्रियों ने शपथ ली। इसके अलावा चिराग पासवान की LJP(R) से 2, जीतन राम मांझी की HAM से 1 और उपेंद्र कुशवाहा की RLM से 1 मंत्री शामिल हैं।

बड़े चेहरे आए, कुछ नाम कटे

शपथ ग्रहण से पहले नीतीश कुमार ने अपने बेटे निशांत को इस सरकार में शामिल होने की सहमति दे दी। निशांत ने दो महीने पहले ही JDU की सदस्यता ली थी। शपथ लेने के बाद उन्होंने मंच पर पिता नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। नए मंत्रियों में पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, पूर्व मंत्री श्रवण कुमार और अशोक चौधरी भी शामिल हैं। वहीं बीजेपी कोटे से मंगल पांडे जैसे कई मौजूदा मंत्रियों का नाम इस बार कट गया।

मुख्य जातीय प्रतिनिधित्व (संक्षेप में):

  • भूमिहार: विजय चौधरी, विजय सिन्हा, इंजीनियर शैलेंद्र कुमार
  • कोइरी/कुर्मी: सम्राट चौधरी, निशांत कुमार, श्रवण कुमार, भगवान सिंह कुशवाहा
  • यादव: विजयेंद्र यादव, राम कृपाल यादव
  • ब्राह्मण: नीतीश मिश्रा, मिथलेश तिवारी
  • दलित: अशोक चौधरी, लखेंद्र पासवान, नंद किशोर राम, संजय पासवान, संतोष मांझी
  • राजपूत: संजय सिंह, लेसी सिंह, श्रेयसी सिंह
  • मल्लाह: मदन सहनी, रमा निषाद
  • ईबीसी और अन्य पिछड़े वर्गों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया।

NDA का मजबूत गठबंधन, अब विकास पर फोकस की बारी

यह कैबिनेट विस्तार पांच दलों के गठबंधन NDA की एकजुटता को दिखाता है। सम्राट चौधरी सरकार अब पूर्ण मंत्रिमंडल के साथ काम करने के लिए तैयार है। बिहार के आम नागरिक उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जातिगत समीकरण के साथ-साथ अब विकास, रोजगार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर ठोस काम होगा। नीतीश कुमार परिवार की राजनीति में सक्रिय भूमिका और सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली नई टीम बिहार की सियासी तस्वीर को और स्पष्ट करती है। अब देखना होगा कि यह संतुलित कैबिनेट बिहार को कितना आगे ले जाती है।