विराट कोहली को लगा गहरा सदमा, अंडर-19 के साथी अमनप्रीत गिल का 36 साल की उम्र में निधन

विराट कोहली को लगा गहरा सदमा, अंडर-19 के साथी अमनप्रीत गिल का 36 साल की उम्र में निधन

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली को एक पुराने दोस्त और अंडर-19 टीम के साथी की अचानक मौत का गहरा सदमा लगा है। पंजाब के तेज गेंदबाज अमनप्रीत गिल महज 36 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गए। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे अमनप्रीत की मौत ने न सिर्फ उनके परिवार को झकझोर दिया, बल्कि क्रिकेट जगत के उन खिलाड़ियों को भी भावुक कर दिया जिन्होंने उनके साथ मैदान पर पसीना बहाया था। आम क्रिकेट प्रेमी के लिए यह खबर याद दिलाती है कि खेल की दुनिया कितनी अनिश्चित है। एक समय खिलाड़ी देश के लिए संघर्ष करते हैं, दूसरे पल जिंदगी उन्हें अकेला छोड़ जाती है। विराट जैसे स्टार का दुख दिखाता है कि मैदान के बाहर रिश्ते कितने गहरे होते हैं।

विराट का भावुक संदेश, शिखर धवन ने भी जताया शोक

विराट कोहली ने सोशल मीडिया पर अमनप्रीत गिल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “अमनप्रीत गिल के निधन की खबर सुनकर गहरा सदमा लगा है। उनके परिवार और करीबियों के लिए प्रार्थना करता हूं कि उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति मिले। उनकी आत्मा को शांति मिले। ओम शांति।” शिखर धवन ने भी शोक संदेश देते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में अमनप्रीत सिंह गिल का जाना बेहद दुखद है। उन्होंने परिवार, दोस्तों और सभी जानने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की। यह घटना उन लाखों प्रशंसकों को भी प्रभावित करती है जो विराट को सिर्फ रन बनाने वाला खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में देखते हैं। ऐसे मौकों पर खिलाड़ियों का भावुक होना दिखाता है कि सफलता के पीछे भी जिंदगी की नाजुक सच्चाई छिपी रहती है।

अंडर-19 से रणजी तक का सफर, रोहित शर्मा का लिया था विकेट

अमनप्रीत गिल श्रीलंका में अंडर-19 ट्राई सीरीज का हिस्सा थे जहां विराट कोहली और मनोज तिवारी भी टीम में शामिल थे। उन्होंने पांच मैचों में 9 विकेट चटकाए थे। बाद में पंजाब की रणजी ट्रॉफी टीम के लिए भी खेलते हुए 6 मैचों में 11 विकेट हासिल किए। उनका फर्स्ट क्लास डेब्यू मुंबई के खिलाफ हुआ था। उसी मैच में उन्होंने रोहित शर्मा का विकेट लिया और कुल 4 विकेट चटकाए। 2008 में मुंबई के खिलाफ खेला गया वह आखिरी फर्स्ट क्लास मैच था। इसके बाद उन्हें टीम में जगह नहीं मिली। छह महीने से बीमारी से जूझ रहे अमनप्रीत को डॉक्टर भी नहीं बचा सके। उनकी मौत ने पूर्व साथियों को याद दिला दिया कि क्रिकेट करियर कितना छोटा और अनिश्चित हो सकता है।

क्रिकेट में दोस्ती और संघर्ष की मिसाल

अमनप्रीत गिल की कहानी उन हजारों प्रतिभावान खिलाड़ियों की कहानी है जो उम्र के साथ मैदान से दूर चले जाते हैं लेकिन यादों में जीवित रहते हैं। विराट कोहली का संदेश न सिर्फ व्यक्तिगत दुख है, बल्कि पूरे क्रिकेट समुदाय के लिए एक श्रद्धांजलि भी है। जिंदगी के इस मोड़ पर हर क्रिकेट प्रेमी सोच रहा होगा कि मैदान पर जितनी मेहनत की जाती है, उतनी ही ताकत जिंदगी की लड़ाई में भी चाहिए। अमनप्रीत गिल की यादें अब विराट समेत उनके सभी साथियों के दिल में हमेशा बसी रहेंगी।