SIR विवाद पर BJP का INDIA ब्लॉक पर हमला, संबित पात्रा बोले- ‘राहुल गांधी को लॉन्च-रीलॉन्च करने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला’

SIR विवाद पर BJP का INDIA ब्लॉक पर हमला, संबित पात्रा बोले- ‘राहुल गांधी को लॉन्च-रीलॉन्च करने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला’

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर दिल्ली में सियासत तेज हो गई है। INDIA ब्लॉक के सांसद मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकाल रहे हैं। इसी बीच बीजेपी ने विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव आयोग और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इस पूरी कवायद का मकसद राहुल गांधी को सत्ता में स्थापित करने की कोशिश है।

संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष की रणनीति को एक “प्रायोजित कोशिश” बताया। हालांकि, ये सभी आरोप बीजेपी की ओर से लगाए गए हैं और विपक्ष की ओर से इस पर अलग पक्ष रखा जाना बाकी है।

राहुल गांधी पर BJP का सीधा हमला, ‘लॉन्च-रीलॉन्च’ का तंज

संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश कोई नई बात नहीं है। उनके मुताबिक, कांग्रेस लंबे समय से राहुल गांधी को “लॉन्च और री-लॉन्च” करने की कोशिश करती रही है।

बीजेपी नेता का आरोप है कि जब ये प्रयास सफल नहीं हुए तो कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगियों ने ऐसी रणनीति अपनाई, जिसमें लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

पात्रा ने दावा किया कि विपक्ष का मौजूदा अभियान भी इसी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आज होने वाले मार्च से पहले बीजेपी की जिम्मेदारी है कि वह जनता के सामने SIR और चुनाव आयोग से जुड़े विवादों पर अपना पक्ष रखे।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से SIR को लेकर गलतफहमियां और फेक न्यूज फैलाई जा रही हैं।

Form-6 पर राहुल गांधी के दावे को लेकर आमने-सामने BJP और विपक्ष

बीजेपी का सबसे बड़ा हमला Form-6 को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर है। संबित पात्रा ने सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने अदालत की कार्यवाही के बाद Form-6 को लेकर जो दावा किया, वह सही नहीं है।

पात्रा के मुताबिक, अदालत ने Form-6 को अवैध घोषित नहीं किया है। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिका में Form-6 में बदलाव का मुद्दा उठाया गया था और अदालत ने कहा कि वह रिकॉर्ड सामने आने के बाद इस मामले को देखेगी।

बीजेपी नेता ने कहा कि अदालत ने किसी संशोधित Form-6 को मंजूरी नहीं दी थी। लेकिन उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग ने अपनी ओर से कहा था कि Form-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है और संबंधित घोषणा को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।

इसी आधार पर पात्रा ने राहुल गांधी के दावे को गलत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को जिस तरह पेश किया गया, उससे जनता के बीच भ्रम पैदा हो रहा है।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में संशोधित Form-6 को लेकर रिकॉर्ड और उसके बदलाव की प्रक्रिया पर सवाल उठा है। इसलिए इस मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।

चुनाव आयोग में असहमति के दावे पर भी BJP ने दिया जवाब

संबित पात्रा ने राहुल गांधी के एक दूसरे दावे को भी निशाने पर लिया। यह दावा चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े फैसले पर कथित असहमति को लेकर था।

पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से जारी तथ्य-जांच में स्पष्ट किया गया है कि बिहार में SIR से संबंधित आदेश सर्वसम्मति से जारी किया गया था। उनके मुताबिक, तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच इस फैसले को लेकर कोई असहमति नहीं थी।

उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बाद में अपने फैसले में बिहार SIR से संबंधित आदेश को बरकरार रखा था।

बीजेपी नेता ने दावा किया कि इसलिए यह कहना सही नहीं है कि SIR से जुड़ा फैसला चुनाव आयोग में सर्वसम्मति से नहीं लिया गया था। उन्होंने कांग्रेस नेता से संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ कथित तौर पर गलत जानकारी फैलाने को लेकर जवाबदेही की मांग की।

SIR पर सियासी टकराव क्यों बढ़ रहा है?

पूरे विवाद का केंद्र मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची में नामों की जांच और उससे जुड़े रिकॉर्ड को लेकर चल रही है। इसी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है।

दूसरी ओर बीजेपी का कहना है कि विपक्ष SIR को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रहा है और संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास का माहौल बना रहा है।

मंगलवार को INDIA ब्लॉक का चुनाव आयोग तक मार्च इसी राजनीतिक टकराव को और तेज करता दिख रहा है। एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठा रहा है। दूसरी तरफ बीजेपी इन आरोपों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बता रही है।

आम मतदाता के लिए यह विवाद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि SIR और Form-6 सीधे मतदाता सूची और वोटर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही और चुनाव आयोग की ओर से दी जाने वाली जानकारी इस पूरे विवाद को समझने में अहम भूमिका निभाएगी।

फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तेज है। बीजेपी ने विपक्ष के अभियान को राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कोशिश बताया है, जबकि INDIA ब्लॉक चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर अपने सवालों के साथ सड़क पर है। अब नजर इस बात पर है कि यह राजनीतिक टकराव आगे किस रूप में सामने आता है और अदालत तथा चुनाव आयोग के स्तर पर इन आरोपों को लेकर क्या स्थिति स्पष्ट होती है।