Bharatiya Janata Party ने 16 से 18 अप्रैल तक होने वाले संसद के विशेष सत्र से पहले अपने सभी सांसदों के लिए तीन-लाइन व्हिप जारी कर दिया है। इस व्हिप के तहत Lok Sabha और Rajya Sabha के सभी सदस्यों, जिनमें केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं, की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
क्या होता है तीन-लाइन व्हिप, क्यों है इतना अहम
तीन-लाइन व्हिप संसद में सबसे सख्त निर्देश माना जाता है। इसका मतलब है कि पार्टी के सभी सांसदों को हर हाल में सदन में मौजूद रहना होगा और पार्टी लाइन का पालन करना होगा। इस बार BJP ने साफ कर दिया है कि इन तीन दिनों के दौरान किसी भी सदस्य को छुट्टी नहीं मिलेगी।
महिला आरक्षण बिल पर रहेगा पूरा फोकस
यह विशेष सत्र मुख्य रूप से Nari Shakti Vandan Adhiniyam में संशोधनों पर केंद्रित रहेगा। सरकार इस कानून के लागू होने की प्रक्रिया को स्पष्ट करने और समयसीमा तय करने के लिए बदलाव लाने की तैयारी में है।
जनगणना और परिसीमन पर बढ़ी बहस
महिला आरक्षण को पहले जनगणना और परिसीमन से जोड़ा गया था, लेकिन जनगणना में देरी के कारण अब 2011 के आंकड़ों के आधार पर आगे बढ़ने की चर्चा है। यही मुद्दा इस समय सबसे ज्यादा राजनीतिक बहस का कारण बना हुआ है।
विपक्ष की आपत्ति, सर्वदलीय बैठक की मांग
Mallikarjun Kharge ने Narendra Modi को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि विपक्ष को अब तक पूरी जानकारी नहीं दी गई है, खासकर परिसीमन से जुड़े प्रावधानों पर स्पष्टता की कमी है।
संसद में टकराव तय, नजरें 16 अप्रैल पर
तीन-लाइन व्हिप से यह साफ है कि सरकार इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से ले रही है और किसी भी तरह की ढील नहीं चाहती। अब यह देखना अहम होगा कि संसद में इस मुद्दे पर सहमति बनती है या राजनीतिक टकराव और तेज होता है।


