पूर्वांचल के चर्चित बाहुबली और पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। हालांकि उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह किस विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे और किस राजनीतिक दल के टिकट पर अपनी दावेदारी पेश करेंगे। उनके इस ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए बृजेश सिंह ने कहा कि जनता की सेवा के लिए राजनीति जरूरी है और वह चुनाव जरूर लड़ेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि समय आने पर सीट और पार्टी की भी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। वहीं, उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह के जौनपुर से चुनाव लड़ने की चर्चाओं को उन्होंने महज अफवाह बताया।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बृजेश सिंह भारतीय जनता पार्टी के बजाय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के किसी सहयोगी दल के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। सबसे अधिक अटकलें ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) से चुनाव मैदान में उतरने को लेकर लगाई जा रही हैं। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बृजेश सिंह का परिवार पिछले तीन दशकों से पूर्वांचल की राजनीति में प्रभावशाली रहा है। उनके बड़े भाई उदयभान सिंह वाराणसी से भाजपा के एमएलसी रहे। बाद में उनकी पत्नी अन्नपूर्णा सिंह भी इसी सीट से एमएलसी चुनी गईं। वर्ष 2016 में बृजेश सिंह स्वयं जेल में रहते हुए एमएलसी बने थे, जबकि 2022 में अन्नपूर्णा सिंह ने भाजपा प्रत्याशी को हराकर दोबारा एमएलसी का चुनाव जीता। उनके भतीजे सुशील सिंह चंदौली की सैयदराजा सीट से लगातार भाजपा विधायक हैं।
बृजेश सिंह का नाम पूर्वांचल की राजनीति और अपराध जगत दोनों में लंबे समय तक चर्चा में रहा है। उनका माफिया मुख्तार अंसारी के साथ वर्षों तक चला गैंगवार प्रदेश की बड़ी आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा। हत्या, अपहरण, गैंगस्टर और मकोका समेत कई मामलों में आरोपी रहे बृजेश सिंह को 2008 में भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया था। करीब 13 वर्ष जेल में रहने के बाद वर्ष 2022 में वह रिहा हुए थे।



