मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन लगातार चौथे दिन भी जारी रहने वाला है। विपक्षी सांसद 9 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे संसद के संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में जुटेंगे। इसके बाद ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर एक और प्रदर्शन की तैयारी है। विपक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगा है। अगर मुलाकात के लिए समय नहीं मिलता है, तो विपक्ष ने आगे की रणनीति को लेकर ‘सभी विकल्प खुले’ रखने के संकेत दिए हैं। ऐसे में शुक्रवार का दिन दिल्ली की सियासत में एक बार फिर काफी हलचल भरा रहने वाला है।
चौथे दिन भी प्रदर्शन, विपक्षी सांसदों की अहम बैठक
INDIA गठबंधन के सांसद पहले ही लगातार तीन दिनों तक चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं। अब शुक्रवार को आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी है।
सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी सांसद दोपहर 3 बजे संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में बैठक करेंगे। यहीं आगे के विरोध प्रदर्शन को लेकर रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद सांसद फिर सड़क पर उतर सकते हैं।
विपक्षी दलों का मुख्य मुद्दा ‘वोट चोरी’ का आरोप है। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर गंभीर सवाल हैं। इसी मुद्दे पर INDIA गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
राष्ट्रपति से समय मांगा, नहीं मिला तो बढ़ सकता है दबाव
विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है। उनका मकसद चुनाव प्रक्रिया और ‘वोट चोरी’ से जुड़े अपने आरोपों को राष्ट्रपति के सामने रखना है।
हालांकि, अगर उन्हें राष्ट्रपति से मिलने का समय नहीं मिलता है तो विपक्ष ने आगे की रणनीति को लेकर कोई एक रास्ता तय नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में ‘सभी विकल्प खुले’ रखे गए हैं।
संभावित प्रदर्शन स्थलों को लेकर भी चर्चा चल रही है। इनमें सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति का आवास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के आवास शामिल बताए जा रहे हैं।
यानी शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन का दायरा संसद परिसर से बाहर भी जा सकता है। हालांकि, अंतिम रणनीति विपक्षी सांसदों की बैठक के बाद स्पष्ट होगी।
ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ी, प्रदर्शन के बीच FIR भी
विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। उन्हें पहले से ही Z+ सुरक्षा प्राप्त है। अब सुरक्षा घेरे में अतिरिक्त कमांडो शामिल किए गए हैं।
दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं के पिछले प्रदर्शनों के बाद दिल्ली पुलिस ने तीन FIR दर्ज की हैं। आगे और मामले दर्ज होने की संभावना भी बताई गई है।
इन FIR में पुलिसकर्मियों पर कथित हमला, सरकारी काम में बाधा डालना, धक्का-मुक्की, पुलिस के साथ हाथापाई और दुर्व्यवहार जैसे आरोप शामिल हैं। इन मामलों में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम भी शामिल बताए गए हैं।
राहुल गांधी को बुधवार को उस समय हिरासत में लिया गया था, जब उन्हें बैरिकेड का गेट खोलने की कोशिश करते हुए देखा गया। इससे पहले भी विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी।
बीजेपी ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को बताया गलत
विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी लगातार पलटवार कर रही है। बीजेपी ने SIR और ‘वोट चोरी’ को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता पर ‘अराजक मानसिकता’ रखने का आरोप भी लगाया।
इस तरह एक तरफ कांग्रेस और INDIA गठबंधन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कायम है, वहीं बीजेपी विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक और निराधार बता रही है।
अब सबकी नजर 9 अक्टूबर की बैठक और उसके बाद होने वाले प्रदर्शन पर है। राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मिलता है या नहीं, और अगर नहीं मिलता तो विपक्ष अगला कदम क्या उठाता है—इन दोनों सवालों से शुक्रवार की राजनीतिक हलचल का रुख तय हो सकता है।

