SIR विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ी, दिल्ली से आगरा तक कड़ा पहरा, आयोग मुख्यालय पर भी जवान तैनात

SIR विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ी, दिल्ली से आगरा तक कड़ा पहरा, आयोग मुख्यालय पर भी जवान तैनात

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देशभर में चल रहे राजनीतिक विरोध के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार ने हालिया सुरक्षा आकलन के बाद उनके मौजूदा सुरक्षा घेरे में अतिरिक्त जवान शामिल करने का फैसला किया है। अब दिल्ली स्थित उनके आवास, चुनाव आयोग मुख्यालय और उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा व्यवस्था में पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित उनके पैतृक घर की सुरक्षा को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब विपक्षी दल SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में चुनाव आयोग तक मार्च की कोशिश से लेकर आगरा में CEC के पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन तक, विरोध अब कई जगहों तक पहुंच चुका है।

पहले से थी सुरक्षा, अब और मजबूत होगा घेरा

सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त को पहले से ही उच्च स्तर की सुरक्षा मिली हुई है। लेकिन हालिया घटनाक्रम के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति का दोबारा आकलन किया।

इसके बाद उनके सुरक्षा घेरे में अतिरिक्त जवान जोड़ने का निर्णय लिया गया है। इसका असर सिर्फ CEC की व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन, यानी चुनाव आयोग के मुख्यालय की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है।

आयोग परिसर के अंदर CISF की तैनाती बढ़ाई जा रही है। वहीं मुख्यालय के बाहर RAF, CRPF और दिल्ली पुलिस के जवानों की मौजूदगी भी बढ़ाई गई है। इसका उद्देश्य आयोग के कामकाज वाले परिसर और वहां आने-जाने वाले लोगों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है।

आगरा में पैतृक घर तक पहुंचा था विरोध

CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध की एक घटना उत्तर प्रदेश के आगरा में भी सामने आई थी। 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय नगर स्थित उनके पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शन के दौरान घर के गेट और दीवार पर आपत्तिजनक नारे लिखे जाने की बात सामने आई थी। मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया और कई लोगों को गिरफ्तार किया।

इस घटना के बाद आगरा स्थित पैतृक आवास की सुरक्षा को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। यानी सुरक्षा बढ़ाने का फैसला केवल दिल्ली में मौजूद CEC के आधिकारिक ठिकानों तक सीमित नहीं है।

SIR पर विपक्ष का विरोध, दिल्ली में भी बढ़ा दबाव

ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाने की पृष्ठभूमि में SIR को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद अहम है। विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।

7 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। पुलिस ने उन्हें आयोग तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। इस दौरान कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया था।

इससे पहले भी दिल्ली में SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। प्रदर्शन का राजनीतिक असर अलग विषय है, लेकिन लगातार हो रहे इन घटनाक्रमों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने CEC और चुनाव आयोग के परिसरों की सुरक्षा को लेकर नई चुनौती खड़ी की है।

अब दिल्ली से आगरा तक सुरक्षा पर फोकस

हालिया सुरक्षा समीक्षा के बाद अब ज्ञानेश कुमार की व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ उनके प्रमुख ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। निर्वाचन सदन में अतिरिक्त बल की तैनाती और आवास की सुरक्षा बढ़ाए जाने से साफ है कि सुरक्षा एजेंसियां मौजूदा राजनीतिक माहौल को गंभीरता से ले रही हैं।

आम नागरिक के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले दिनों में चुनाव आयोग के मुख्यालय और CEC से जुड़े प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा जांच और आवाजाही के नियम पहले की तुलना में ज्यादा सख्त दिखाई दे सकते हैं।

फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है और विपक्ष अपने विरोध पर कायम है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की नजर दिल्ली के साथ-साथ उन दूसरे स्थानों पर भी है, जहां CEC या चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन की आशंका बन सकती है।