चंडीगढ़ में मुफ्त पेट्रोल कूपन बांटने की घोषणा लोगों के लिए राहत की खबर बनकर आई थी, लेकिन कुछ ही घंटों में यही आयोजन अफरा-तफरी की वजह बन गया। सेक्टर-10 के एक पेट्रोल पंप पर सैकड़ों लोग ₹500 और ₹1,000 के फ्री पेट्रोल कूपन लेने पहुंचे, लेकिन कार्यक्रम स्थगित होने की जानकारी सभी तक नहीं पहुंची। नतीजा यह हुआ कि भारी बारिश के बीच घंटों इंतजार के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और पेट्रोल पंप पर हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
हालात इतने बिगड़ गए कि सुरक्षा कारणों से पेट्रोल पंप को बंद करना पड़ा। सड़क पर लंबा जाम लग गया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।
क्या था ‘पेट्रोल लंगर’ का पूरा प्लान?
अमृतसर के समाजसेवी राकेश त्रेहन, जिन्हें ‘राजा द किंग’ के नाम से भी जाना जाता है, ने 18 अगस्त को चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित पेट्रोल पंप पर मुफ्त पेट्रोल कूपन बांटने की घोषणा की थी।
योजना के मुताबिक:
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दोपहिया और तीन पहिया वाहन चालकों को ₹500 का पेट्रोल कूपन मिलना था।
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कार चालकों के लिए ₹1,000 का पेट्रोल कूपन तय किया गया था।
बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों के बीच इस घोषणा ने बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान खींचा और कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही लोगों की भीड़ जुटने लगी।
भारी बारिश ने बदला पूरा कार्यक्रम
मंगलवार को चंडीगढ़ में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे शहर के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो गया। आयोजक राकेश त्रेहन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा और परेशानी को देखते हुए कार्यक्रम को स्थगित करने का फैसला लिया गया।
उन्होंने बाद में घोषणा की कि अब पेट्रोल कूपन का वितरण शुक्रवार से रविवार तक तीन दिनों में किया जाएगा। हालांकि, यह जानकारी हर व्यक्ति तक समय पर नहीं पहुंच सकी।
यही वजह रही कि पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल पंप पहुंच गए और वहां स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण से बाहर होने लगी।
घंटों इंतजार के बाद भड़का लोगों का गुस्सा
बारिश में भीगते हुए लोग लंबे समय तक कूपन मिलने का इंतजार करते रहे। जब उन्हें पता चला कि कार्यक्रम टाल दिया गया है, तो कई लोगों ने नाराजगी जताई।
एक स्थानीय युवक ने बताया कि वह करीब दो घंटे तक बारिश में खड़ा रहा, लेकिन उसे कोई कूपन नहीं मिला। बाद में जानकारी मिली कि वितरण अब शुक्रवार से होगा।
भीड़ बढ़ने के कारण पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभाली। ट्रैफिक बाधित करने के आरोप में कुछ वाहनों को भी जब्त किया गया।
कौन हैं राकेश त्रेहन, जिन्होंने शुरू किया ‘पेट्रोल लंगर’?
राकेश त्रेहन पहले क्रिप्टो ट्रेडिंग और शेयर बाजार से जुड़े रहे हैं। हाल के समय में उन्होंने अपनी और अपने पिता से मिली संपत्ति का 90 प्रतिशत हिस्सा दान करने का फैसला करने की बात कही है।
इससे पहले भी वह जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री और ₹500 के नकद कूपन बांटने जैसे कार्यक्रम चला चुके हैं। उनका दावा है कि पेट्रोल कूपन अभियान के बाद वह भविष्य में लोगों को आईफोन भी वितरित करने की योजना रखते हैं।
फिलहाल, चंडीगढ़ का यह ‘पेट्रोल लंगर’ राहत से ज्यादा अव्यवस्था की वजह बन गया। अब लोगों की नजर शुक्रवार से शुरू होने वाले नए कार्यक्रम पर है, जहां आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालने की होगी।


