लखनऊ में आयोजित लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के एक बड़े कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने लंबे समय तक जाति और मजहब की राजनीति के सहारे सत्ता हासिल की और समाज को बांटने का काम किया। चिराग ने कहा कि अब समय आ गया है कि ऐसी राजनीति करने वालों की जवाबदेही तय हो और देश विकास, समान अवसर और सामाजिक एकजुटता की दिशा में आगे बढ़े।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यह कार्यक्रम लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती महोत्सव के अवसर पर हुआ। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता पहुंचे। अपने संबोधन में चिराग पासवान ने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों और विपक्ष की राजनीति पर भी विस्तार से अपनी बात रखी।
जाति और मजहब की राजनीति पर सीधा हमला, विकास को बताया सबसे बड़ा एजेंडा
चिराग पासवान ने कहा कि देश और प्रदेश की राजनीति अब जात-पात और धर्म के दायरे से बाहर निकलकर विकास की ओर बढ़नी चाहिए। उनके मुताबिक, हर नागरिक को समान अवसर मिलना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना होगा, जहां पहचान की राजनीति नहीं बल्कि विकास सबसे बड़ा मुद्दा बने।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि केवल नेताओं के भरोसे बदलाव नहीं आएगा। हर व्यक्ति को समाज के बीच जाकर लोगों को विकास और सामाजिक एकता का संदेश देना होगा। उनका कहना था कि जब समाज एकजुट होगा, तभी प्रदेश और देश की प्रगति तेज होगी।
आरक्षण और संविधान पर विपक्ष को घेरा, दिया बड़ा भरोसा
अपने भाषण में चिराग पासवान ने पिछले चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने आरक्षण और संविधान को खतरे में बताकर लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में भी संविधान को हाथ में लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया।
चिराग ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान का सबसे अधिक सम्मान उनकी पार्टी और उनके पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान ने किया। उन्होंने दावा किया कि संसद के सेंट्रल हॉल में बाबा साहेब का चित्र लगवाने और उन्हें भारत रत्न दिलाने की दिशा में रामविलास पासवान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने मंच से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि जब तक वह राजनीति में सक्रिय हैं, तब तक न आरक्षण को कोई खतरा होगा और न ही संविधान के साथ कोई समझौता होने दिया जाएगा।
रामविलास पासवान के योगदान का किया उल्लेख, गरीबों और दलितों के लिए फैसलों को याद किया
चिराग पासवान ने अपने संबोधन में स्वर्गीय रामविलास पासवान के राजनीतिक योगदान को भी विस्तार से याद किया। उन्होंने कहा कि दलित समाज को मुख्यधारा से जोड़ने, गरीबों तक राशन पहुंचाने और हर वर्ग के लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की सोच उनके पिता की थी।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान खाद्य विभाग की जिम्मेदारी निभाते हुए रामविलास पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर गरीबों तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया। चिराग के मुताबिक, आज समाज के हर वर्ग के हाथ में मोबाइल फोन पहुंचने और गरीबों के लिए कई योजनाओं की सोच भी उनके पिता की दूरदर्शी राजनीति का हिस्सा रही।
सपा पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी हमला, यूपी में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का संकेत
कार्यक्रम में जमुई सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी अरुण भारती ने भी समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में आरक्षण और संविधान के नाम पर लोगों को गुमराह किया गया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि समाज के कई लोगों की हत्या और हमलों के मामलों पर विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने चुप्पी साधे रखी, जबकि चिराग पासवान ने खुलकर उनका साथ दिया।
वहीं पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों ने भी संगठन के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय नेतृत्व निर्देश देता है तो लोक जनशक्ति पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। नेताओं ने भरोसा जताया कि बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी पार्टी मजबूत प्रदर्शन करने का प्रयास करेगी।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय रामविलास पासवान के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। पूरे आयोजन में संगठन को मजबूत करने, सामाजिक एकजुटता और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विशेष जोर दिया गया। चिराग पासवान का यह संबोधन ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनावों को लेकर विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हैं।



