राज्यपाल तक पहुंचा मामला, तीनों दलों ने लगाए गंभीर आरोप
शनिवार को डीएमके, एआईएडीएमके और भाजपा के नेताओं ने राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर मुख्यमंत्री थलपति विजय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है और विधायकों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है। साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार के कामकाज में ऐसे लोगों की भूमिका बढ़ गई है, जिनका आधिकारिक तौर पर पहले कोई संवैधानिक या प्रशासनिक दायित्व नहीं था।
डीएमके नेता आर.एस. भारती ने मुलाकात के बाद मीडिया से कहा कि उन्होंने राज्यपाल को तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और कथित हॉर्स ट्रेडिंग की जानकारी दी है। उनका आरोप था कि जॉन और विष्णु रेड्डी नाम के दो लोग कई महत्वपूर्ण सरकारी बैठकों में शामिल होते हैं और अधिकारियों को निर्देश देते हैं। उनके मुताबिक, इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विधायकों को तोड़ने के आरोप से गरमाई राजनीति
मुख्यमंत्री विजय पर यह आरोप पहली बार नहीं लगा है। इससे पहले भी डीएमके ने उनके खिलाफ कथित हॉर्स ट्रेडिंग के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई थी। वहीं, एमडीएमके नेता वाइको ने भी आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ने विपक्ष के विधायकों को इस्तीफा देकर TVK में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिश की।
विपक्ष का दावा है कि कुछ विधायकों को उपचुनाव में टिकट और आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया गया। इन्हीं आरोपों को आधार बनाकर डीएमके ने राज्यपाल के सामने विस्तृत शिकायत रखी और मामले की जांच कराने की मांग दोहराई।
भाजपा और AIADMK ने भी उठाए सवाल, अनुच्छेद 167 का किया जिक्र
डीएमके के अलावा भाजपा और एआईएडीएमके ने भी लगभग समान आरोप लगाए। दोनों दलों ने राज्यपाल से आग्रह किया कि संविधान के अनुच्छेद 167 के तहत सरकार से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा जाए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर आगे की संवैधानिक कार्रवाई भी की जाए।
भाजपा नेताओं ने विशेष रूप से जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने सरकारी प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी रखी।
राजभवन की ओर से जारी बयान में पुष्टि की गई कि तीनों राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों ने राज्यपाल से मुलाकात की। बयान के मुताबिक, शिकायतों में पुलिस मशीनरी के कथित दुरुपयोग, गैर-कानूनी गिरफ्तारी, हिरासत में दबाव बनाने और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को दल बदलने के लिए कथित रूप से प्रेरित करने जैसे आरोप शामिल हैं।
TVK ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, सलाहकारों की नियुक्ति का दिया हवाला
मुख्यमंत्री थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और इन्हें राजनीतिक उद्देश्य से उछाला जा रहा है।
जॉन और विष्णु रेड्डी की भूमिका पर भी TVK ने सफाई दी। पार्टी के मुताबिक, दोनों को मुख्यमंत्री का विशेष सलाहकार नियुक्त किया जा चुका है। ऐसे में उन्हें निजी व्यक्ति बताना सही नहीं है, क्योंकि वे अब सरकार की आधिकारिक व्यवस्था का हिस्सा हैं।
फिलहाल राज्यपाल के पास विपक्ष की शिकायतें पहुंच चुकी हैं और मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है। हालांकि, अभी तक इन आरोपों पर किसी जांच या कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।



