दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन ने शनिवार को नया राजनीतिक मोड़ ले लिया। 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना विरोध और तेज कर दिया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बाद अब पार्टी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस्तीफे की मांग की है। CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर “Modi Must Resign” लिखते हुए अपनी मांग सार्वजनिक की।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब वांगचुक का आंदोलन पेपर लीक मामलों की जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार जारी था। पुलिस की कार्रवाई के बाद आंदोलन की दिशा और राजनीतिक प्रतिक्रिया दोनों में तेजी देखने को मिल रही है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद बदला आंदोलन का स्वर
शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाकर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। इससे पहले वांगचुक लगातार 21 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जताई जा रही थी।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया। इसी बीच आंदोलन से जुड़े लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को दोहराया। पुलिस का कहना है कि वांगचुक को स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए अस्पताल ले जाया गया।
CJP ने सोशल मीडिया पर उठाई PM मोदी के इस्तीफे की मांग
अब तक आंदोलन का प्रमुख मुद्दा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा था, लेकिन शनिवार को CJP ने अपना रुख और सख्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग कर दी।
पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर “Modi Must Resign” लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह मांग CJP का आधिकारिक राजनीतिक रुख है। केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस मांग पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पेपर लीक आंदोलन से जुड़ा है पूरा मामला
यह आंदोलन देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग को लेकर शुरू हुआ था। इसी मुद्दे पर सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे थे।
वांगचुक की लगातार गिरती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि उनका नियमित मेडिकल चेकअप कराया जाए और जरूरत पड़ने पर इलाज सुनिश्चित किया जाए। इसके कुछ दिन बाद पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई।
अभिजीत दीपके ने संभाली आंदोलन की कमान
सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और आंदोलन से जुड़े लोग अपनी मांगों पर कायम हैं। वहीं, पुलिस की कार्रवाई, वांगचुक के स्वास्थ्य और CJP की नई राजनीतिक मांगों को लेकर आगे क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।


