उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पीलीभीत में 569 करोड़ रुपये की लागत वाली 66 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने नागरिकता प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल होकर बांग्लादेश से आए विस्थापित हिंदू, बौद्ध और जैन परिवारों को नागरिकता मिलने पर शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला भी बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकता प्राप्त करने वाले अधिकांश लोग दलित, वंचित और पिछड़े वर्ग से हैं, लेकिन विपक्षी दलों ने कभी उनके अधिकारों की आवाज नहीं उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने वर्षों तक तुष्टिकरण की राजनीति की और प्रताड़ित हिंदू, बौद्ध तथा जैन समुदाय की समस्याओं की अनदेखी की। उन्होंने अपने भाषण में विपक्ष पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इन परिवारों की चिंता पहले की सरकारों ने नहीं की।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब 55-56 वर्ष पहले बांग्लादेश से प्रताड़ित होकर भारत आए कई परिवार दशकों तक नागरिकता का इंतजार करते रहे। उन्होंने कहा कि अब नागरिकता प्रमाणपत्र मिलने के बाद इन परिवारों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिला है। मुख्यमंत्री ने इस पहल का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने लंबे समय से लंबित मांग को पूरा किया है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर देश विभाजन को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 1947 के विभाजन के कारण लाखों लोगों को विस्थापन का दर्द झेलना पड़ा और बाद की सरकारों ने भी प्रताड़ित परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में किसी भी भारतीय को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और रक्षा उत्पादन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है, जिससे देश की रक्षा क्षमता मजबूत हो रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार विकास, सुरक्षा और निवेश को प्राथमिकता दे रही है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति अलग थी।

