दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अहम खबर सामने आई है। राजधानी में बिजली का इस्तेमाल करने वाले लाखों लोगों को अब हर महीने थोड़ा ज्यादा बिल चुकाने के लिए तैयार रहना पड़ सकता है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने बिजली वितरण कंपनियों को फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जिन्हें बिजली बिल पर सरकार की सब्सिडी का लाभ नहीं मिलता।
इस फैसले के बाद पूर्वी और मध्य दिल्ली में रहने वाले उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। यहां बिजली आपूर्ति करने वाली बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) के ग्राहकों के बिल में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। बढ़ा हुआ सरचार्ज जून से लागू होगा और इसका असर जुलाई में आने वाले बिजली बिलों में नजर आएगा।
क्यों बढ़ाया गया बिजली सरचार्ज?
दरअसल, दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों ने अप्रैल में डीईआरसी से मांग की थी कि उन्हें बिजली खरीदने में बढ़ी लागत की भरपाई के लिए अतिरिक्त सरचार्ज वसूलने की अनुमति दी जाए। कंपनियों का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और बिजली खरीद लागत बढ़ने से उन पर वित्तीय दबाव बढ़ा है।
FPPAS एक ऐसा तंत्र है जिसके जरिए बिजली कंपनियां बिजली खरीद की अतिरिक्त लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं से वसूल सकती हैं। डीईआरसी ने कंपनियों की दलीलों पर विचार करने के बाद सरचार्ज बढ़ाने की मंजूरी दी है।
किस कंपनी के ग्राहकों पर कितना असर?
नई व्यवस्था के तहत सबसे बड़ा असर BYPL के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। आयोग ने कंपनी का सरचार्ज 11.71 प्रतिशत से बढ़ाकर 17.43 प्रतिशत कर दिया है। यानी इसमें 5.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) का सरचार्ज 14.51 प्रतिशत से बढ़कर 17.94 प्रतिशत हो गया है। दूसरी ओर टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) के उपभोक्ताओं को राहत मिली है। इस कंपनी का सरचार्ज 15.99 प्रतिशत से बढ़ाकर केवल 16 प्रतिशत किया गया है, जिससे बिल पर बहुत मामूली असर पड़ेगा।
आम उपभोक्ता की जेब पर कितना पड़ेगा असर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, BYPL क्षेत्र में रहने वाला ऐसा उपभोक्ता जिसके घर में 2 किलोवाट का कनेक्शन है और जो हर महीने लगभग 600 यूनिट बिजली खर्च करता है, उसके बिल में करीब 170 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यानी उसका बिल लगभग 3,766 रुपये से बढ़कर 3,936 रुपये तक पहुंच सकता है।
इसी तरह BRPL के उपभोक्ताओं को करीब 102 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। ऐसे उपभोक्ताओं का बिल लगभग 3,850 रुपये से बढ़कर 3,952 रुपये तक पहुंच सकता है।
क्या सब्सिडी लेने वालों पर भी पड़ेगा असर?
दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की खबर है। क्योंकि यह सब्सिडी बिल की राशि पर नहीं बल्कि बिजली की खपत यानी यूनिट के आधार पर दी जाती है। ऐसे में बढ़े हुए सरचार्ज का सीधा असर मुख्य रूप से उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो सब्सिडी के दायरे में नहीं आते।
बिजली खरीद लागत बढ़ने के बीच डीईआरसी का यह फैसला वितरण कंपनियों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है, लेकिन इसका असर आने वाले महीनों में लाखों उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर भी दिखाई दे सकता है।



